नई दिल्ली, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब सनराइज ओवर अयोध्या की बिक्री और प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इन्कार कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने यह कहते हुए याचिका की खिंचाई भी कि लेखक को याचिका में पक्षकार क्यों नहीं बनाया गया। इसके साथ ही पीठ ने याची को एक ”मौका लेने वाला याचिकाकर्ता” बताते हुए कहा कि याचिका पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है।
पीठ ने कहा कि आप किताब पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं लेकिन आपने लेखक को पक्षकार नहीं बनाया है। पीठ ने याची से पूछा क्यों न याचिका को जुर्माना लगाने के साथ खारिज किया जाए।
अदालत का रुख देखते हुए याची राकेश के अधिवक्ता एके दुबे ने याचिका को वापस लेने और उचित तथ्यों के साथ नई याचिका दायर करने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
इस पर पीठ ने याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए मामले का निपटारा कर दिया। याची ने आरोप लगाया था कि खुर्शीद ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का दुरुपयोग किया है।
बता दें कि याचिकाकर्ता राकेश ने अधिवक्ता एके दुबे और पवन कुमार के माध्यम से अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि सलमान खुर्शीद ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का बहुत जटिल तरीके से दुरुपयोग किया है। याचिका में कहा गया था कि देश में 90 करोड़ हिंदू हैं और अगर कोई किताब में दिए गए विवादित बयानों से नाराज होता है तो यह समाज में कानून व्यवस्था की समस्या बन सकता है।
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