बेंगलुरु.कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के ठिकानों पर आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद उनके निजी सहायक (पीए) ने खुदकुशी कर ली। शनिवार को रमेश का शव बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक नोट मिला है, जिसमें रमेश ने छापेमारी से परेशान होने और सम्मान की रक्षा के लिए जान देने की बात कही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को आयकर विभाग पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
पुलिस के मुताबिक, रमेश आठ सालसे परमेश्वर के निजी सहायक थे। उन्होंने नोट मेंआयकर अधिकारियों से अपने परिजन को परेशान नहीं करने का अपील की है। वहीं, आयकर अधिकारियों ने छापेमारी के सिलसिले में परमेश्वर को मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया है।
छापेके दौरान देर रात तक परमेश्वर के घर मौजूद थेरमेश
आयकर विभाग ने बताया कि कांग्रेस नेता परमेश्वर की घर की तलाशी के दौरान शनिवार आधी रात तक रमेश वहां मौजूद थे। हालांकि, उनके घर की तलाशी नहीं ली गई और न ही बयान दर्ज किया गया था। वहीं, परमेश्वर ने कहा है कि मैंने शनिवार सुबहरमेश को फोन कर साहस और निडरता से हालात का सामना करने के लिए कहा था। पता नहीं उसने यह कदम क्यों उठा लिया।
‘केवल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ही छापेमारी क्यों’
बेंगलुरु कांग्रेस ने रमेश की आत्महत्या को पार्टी से उनके पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दूर रखने के उत्पीड़न का नतीजाबताया है। प्रदेशाध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि जांच एजेंसियां सिर्फ कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ ही छापेमारी क्यों कर रही हैं।
आयकर अधिकारियों ने शुक्रवार को परमेश्वर के आवास समेत करीब 35ठिकानों पर छापेमारी शुरूकी थी। उनके घर से 4.52 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने परमेश्वर केसिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज और उनके भतीजे आनंद के घर भी कार्रवाई की थी। छापेमारी में मिले दस्तावेजों की जांच जारी है।(इनपुट भास्कर)
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