देश और दुनियाभर में जहां मोहर्रम के मौके पर शिया समुदाय मातम मनाता नजर आया, वहीं राजधानी दिल्ली के मुसलमानों ने एक अनोखी नजीर पेश किया। दरअसल दिल्ली स्थित वसुंधरा में स्वास्थ्य अधिकारीयों की मदद से एक शिविर का आयोजन कर लोगों ने खून बहाने के बजाए रक्तदान करके इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। जिसमें मुस्लिम युवतियां भी रक्तदान करती नजर आयीं। इसे लेकर लोगों में उत्साह इस कदर थी कि भीड़ ज्यादा होने के बावजूद भी लोगों ने दिन-भर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया।
इस बाबत रक्तदान शिविर के आयोजक सदस्यों में से एक तनवीर हुसैन ने कहा “ हमारा रक्तदान शिविर मानवता से संबंधित है। हमलोग इमाम साहब के सिद्धांतों पर चल मानव जाति की भलाई में बराबरी का योगदान देना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि हमारी ये छोटी-सी पहल जनता को लाभान्वित करेगी। विभिन्न आयु वर्ग के पुरुष एवं महिलाएं रक्त दान करने हेतु आगे आ रहें हैं जो कई लोगों को नया जीवन प्रदान करने में मदद करेगा”।
रक्त दान करने पहुंचे आलम ने बताया कि इमाम हुसैन मानवता के लिए अपनी कुर्बानी दी थी। इसलिए पीठ पर कोड़े मारकर खून बहाने के बजाय मैं रक्त दान कर रहा हूं ताकि मेरा खून किसी इंसान के काम आए।
मुस्लिम लड़की रोमा खातुन ने कहा कि वो पहली बार रक्तदान की। मोहर्रम के दिन ऐसा कर उसे बहुत खुशी मिल रही है।
बताते चलें कि पिछले साल भी मुहर्रम के मौके पर हुसैनी वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने ब्लड डोनेशन के कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस मौके पर राजा, तबरेज,हामिद, तस्सबुर,अमजद, सलमान, तबिश, रुकसाना,नाजिम, सईदा सहित कई अन्य युवक-युवतियों ने रक्तदान किया।
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