AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली समेत 80 लोगों के खिलाफ केस क्यों, क्या देश में दो कानून चल रहा है।

नई दिल्ली (असरार अहमद ). उत्तर प्रेश के बलरामपुर में बिना इज़ाज़त के सम्मेलन करने, धारा 144 और कोविड-19 के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के मामले में ऑल इण्डिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, छह लोगों के साथ-साथ 70 से 80 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. नामजद लोगों में पीस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उतरौला विधानसभा क्षेत्र से AIMIM के घोषित प्रत्याशी डॉक्टर अब्दुल मन्नान भी शामिल हैं. सब इंस्पेक्टर उमेश सिंह के कहने पर कोतवाली उतरौला में मुकदमा दर्ज किया गया है.

रविवार को डुमरियागंज रोड पर मौजूद एक होटल में AIMIM की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था. पीस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अब्दुल मन्नान को उतरौला विधानसभा क्षेत्र से AIMIM का प्रत्याशी घोषित करने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया था.

सब इंस्पेक्टर उमेश सिंह ने अपनी तहरीर में कहा की वहां 70-80 लोगों की भीड़ भी इकठ्ठी थी. यह भीड़ बिना किसी इज़ाज़त के इकट्ठी की गयी थी. भीड़ में मौजूद लोगों ने मास्क भी नहीं लगा रखा था और न ही उचित दूरी बनाए थे। यह तमाम लोग AIMIM पार्टी के सम्मेलन में शामिल थे. इस लापरवाही से कोरोना महामारी फैलने की ज्यादा संभावना है. और धारा 144 भी लागू है जिसका इस सम्मेलन के जरिये से उल्लंघन किया जा रहा था. बिना इजाज़त के सम्मेलन करने और धारा 144 , कोविड-19 के प्रोटोकॉल के उल्लंघन की सूचना मिलते ही अधिकारी उतरौला राधारमण सिंह ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा लिखे जाने का आदेश दिया.
कोतवाली उतरौला में मुकदमा दर्ज कराया गया है
लेकिन अब सवाल होना लाज़मी है की भारतीय जनता पार्टी के पूरे देश में रैली हो सकती है ,भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में चुनाव प्रचार कर सकती है, तब वह पर धारा 144 , कोविड-19 के प्रोटोकॉल के उल्लंघन नहीं होता ,किसी महामारी का उल्लंघन भारतीय जनता पार्टी के प्रोग्राम में नहीं होत।
क्या भारतीय जनता पार्टी को खुली छूट दी जा चुकी है की तुम्हारे सम्मलेन से किसी भी एक्ट का उल्लंघन नहीं होता। लेकिन अगर बीजेपी के अलावा कोई और सम्मलेन करे गा तो वहाँ पर महामारी एक्ट का जिक्र आजाता है ।
क्या देश में 2 सिस्टम चल रहा है ? बीजेपी के लिए अलग और विपक्षी पार्टियों के लिए अलग ?

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