अखबार बेचकर झारखंड टॉपर बने अभिजीत,पिताजी करते थे बढ़ई का काम

नई दिल्ली, जमशेदपुर के विष्टुपुर निवासी अभिजीत शर्मा इस बार 10वी कक्षा के  झारखंड बोर्ड के टॉपर बने हैं। अभिजीत शर्मा ‘श्री रामकृष्ण मिशन स्कूल’ के छात्र थे।

अभिजीत के टॉप करने की खास वजह उनकी कड़ी मेहनत और अभिजीत के पिताजी का संघर्ष है। अभिजीत के पिता अखिलेश शर्मा रोज सुबह अखबार बांटने का काम करते हैं, उसके बाद वे लोगों के घर जाकर बढ़ई का काम भी करते हैं। उनका घर इन्ही कामों से चलता है।

अभिजीत बचपन से पढ़ने लिखने में तेज हैं, और उनके पिताजी के अनुसार बचपन से लेकर आज तक अपने क्लास में वे हमेशा ही अव्वल रहे हैं, उनके रहते क्लास में कोई अन्य छात्र अब तक प्रथम स्थान प्राप्त नहीं कर सका है।

अभिजीत अपनी फैमिली के साथ शास्त्रीनगर के ब्लॉक न॰ 4 में एक छोटे से किराए के मकान में रहते हैं। अखिलेश शर्मा ने हमेशा अपने बच्चे की पढ़ाई को महत्व दिया है, अखिलेश लगभग 10-12 हज़ार रुपए मासिक कमा लेते हैं, और उन्ही पैसों से अभिजीत की पढ़ाई का खर्चा भी निकालते हैं।

पर कहते हैं ना की जुनून हो तो जीवन में बलाएं होने से फर्क नहीं पड़ता, ये उदाहरण अभिजीत पर सटिक बैठता है। अभिजीत शर्मा ने अपने जुनून और मेहनत के बल बूते पर झारखंड में टॉप किया और 2022 के स्टेट टॉपर का खिताब अपने नाम कर लिया।

बता दें की अभिजीत ने 500 अंकों में से 490 अंक प्राप्त किए हैं, JAC द्वारा रिलीज मार्कशीट के अनुसार अभिजीत को हिंदी और गणित में 100 में से 100 अंक, विज्ञान में 99, सामाजिक विज्ञान में 97 तथा अंग्रेजी में 100 में से 94 अंक प्राप्त हुए हैं।

अभिजीत की ख्वाहिश है की वो आगे इंजीनियरिंग करेंगे तथा इंजीनियर बनेंगे।
अभिजीत के पिता का कहना है की अभिजीत की पढ़ाई में जितना भी पैसा लगे वो किसी न किसी तरह से पैसे इकट्ठे कर लेंगे, मगर अभिजीत की पढ़ाई नहीं रोकेंगे।

पिताजी के अनुसार कोराेना काल उनके लिए बेहद विकट काल गुजरा था, उस बीच दान मिले पैसों से घर का चूल्हा जलता था, उस वक्त अभिजीत के ऑनलाइन क्लास के लिए घर में मोबाइल नही था, पिताजी ने कर्ज ले कर सेकंड हैंड मोबाइल खरीदा जिसका कर्ज उन्होंने धीरे-धीरे उतारा। अखिलेश शर्मा खुद मैट्रिक फेल हैं, अभिजीत की मां ने भी तीसरी क्लास तक पढ़ाई की है।

स्टेट टॉपर अभिजीत की कहानी संघर्ष भरी है, एक वक्त ऐसा भी आया था जब अखिलेश का काम ठप्प पड़ गया था इस वक्त अभिजीत ने खुद घर चलाने का जिम्मा उठाया और वे रोज सुबह अखबार देने जाया करते थे। लेकिन आज उन्होंने अपने माता पिता का सर एक बार फिरसे ऊंचा कर दिया।

चूंकि अभिजीत को बचपन से ही इंजीनियर बनने का शौक है इस कारण बाल्डविन स्कूल में साइंस में उनका दाखिला करा दिया गया है।

बता दें की बीते मंगलवार को JAC बोर्ड ने 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी किया है जिसमे लगभग 95.6%10वीं के छात्र तथा 92.25% 12वीं के छात्र उत्तीर्ण हुए हैं।

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