चाईजुर रहमान,आसाम:लोकसभा चुनाव से पहले आसाम मे बीजेपी-एजीपी ( आसाम गण परिषद ) का पुन: गठबंधन हुआ। नागरिकता संशोधित बिल को लेकर संसद के पिछले अधिवेशन मे एजीपी ने बीजेपी से मित्रता तोड़ दिया था। उल्लेखनीय है कि आसाम के पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने एजीपी के साथ गठबंधन करके सरकार गठन किया था। और एजीपी के तीन विधायक आसाम मन्त्री मंडल मे शामिल हुए थे। पिछले रात गुवाहाटी के रेडिशन ब्लु मे बीजेपी-एजीपी के नेतृत्व मे एक गुरुत्व पुर्ण बैठक के बाद पुन:गठबंधन हुआ।
आज (13 मार्च) को तीन एजीपी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ बैठक के बाद अपने मंत्रालयों का प्रभार फिर से शुरू कर दिया। एजीपी के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत के अपवाद के साथ एजीपी विधायक दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुवाहाटी में उत्तरार्द्ध के आधिकारिक निवास पर सर्बानंद सोनोवाल से तीन एजीपी मंत्रियों – अतुल बोरा, केशब महात्मा और फणी भूषण चौधरी के साथ मुलाकात की – उनके त्याग पत्र वापस ले लिए।
वित्त, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य भाजपा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास भी आज की बैठक में उपस्थित थे।
नरेंद्र मोदी सरकार के नागरिकता (संशोधन) विधेयक को आगे बढ़ाने के फैसले का विरोध करने वाली अगुवाई में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा निकाले जाने के बाद एजीपी के तीन मंत्रियों ने जनवरी में मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया था।
यह बिल लोकसभा में पेश और पारित किया गया था, लेकिन संसद के ऊपरी सदन में इसे पेश नहीं किया गया था।
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