मिल्लत टाइम्स,बिहार:पूर्व JNU स्कॉलर और वर्तमान में बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय मुज़फ्फ़रपुर (बिहार) के Deputy Registrar प्रोफेसर आतिफ़ रब्बानी भाई को कल सरस्वती पूजा के लिए चंदा वसूलने के लिए मारा-पीटा गया!
जब से बिहार में नीतीश कुमार बनाम (शुशाशन बाबु) मोदी और अमित शाह कि गोदी में जाके बैठा है तब से ही हर दिन बिहार में किसी ना किसी का हत्या, बलातकार, खुले आम मार पीट की वारदातें होती रहती है।
नीतीश सरकार में बिहार में इतना दंगा हुआ, भागलपुर ,दरभंगा , छपरा, रोसड़ा दलसिंहसराय, औरंगाबाद, सीतामढ़ी में जिंदा जला दिया गया लेकिन शुशाशन बाबु चु तक नहीं बोले।
हाजीपुर में अभी तक कुल 21 हत्या हुई…..कितनो का आँसू पोछा नीतीश जी ने?
अभी चन्द दिनों पहले रेल हादसा में सेकङो लोगों की जाने चली गई, कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए लेकिन शुशाशन बाबु गूँगा बने रहें।
ना शिक्षा, न स्वास्थ,न रोजगार और न हिं भ्रष्टाचार पर कुछ बोलते हैं नीतीश जी आखिर क्यों?
…ना ही बिहार के लिए कोई नई सोच..
अभी पिछले हफ़्ते इन्ही गुण्डों ने आतिफ़ भाई को ऊँचा चंदा देने के लिए धमकाया था! इसका मतलब साफ़ है कि कल वो जान बूझकर निशाना बनाये गये! क़ानून व्यस्था इतनी अप्रभावी है कि एक हफ़्ते पहले धमका कर जाते हैं और फिर आकर बुरी तरह पीट जाते हैं! ज्ञात हो कि तीन-चार महीने पहले प्रोफेसर संजय कुमार (पूर्व JNU स्कॉलर) को महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, मोतिहारी में लगभग जान से मार हीं दिया गया था!
ध्यान रहे कि पूजा के नाम पर चंदा वसूलने को वहाँ के एसएसपी ने रंगदारी घोषित कर रखा है फिर भी गुंडई का आलम ये है कि यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार तक को गुण्डे ख़ुलेआम पीट दे रहे हैं तो आम दूकानदारों और लोगों का क्या होता होगा! कहने को तो सरस्वती शिक्षा की देवी मानी जाती हैं, और ये गुण्डे उन्हीं ‘शिक्षा की देवी’ की पूजा के नाम पर शिक्षक को ही पीट रहे हैं!
आतिफ़ भाई एक शानदार स्कॉलर हैं. वो अख़बारों, मैगजीनों और शोध पत्रिकाओं में आर्टिकल लिखते रहते हैं और निहायत सेक्युलर और हँसमुख इंसान हैं!
रात में जब पता चला तब से चिंतित और गुस्से में हूँ! ऐसी घटनाओं के ख़िलाफ़ हमें खुलकर आना होगा! धर्म के नाम पर हिंसा और गुंडई पहले से अधिक जस्टिफाई होने लगी है!
आतिफ़ भाई हम सब आपके साथ हैं! पुरा जे एन यू आपके साथ हैं इस देश कि आम जनता आपके साथ हैं।
तबरेज हसन।
पुर्व संयुक्त सचिव छात्र संघ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times