आसाम मे नागरिकता संशोधित बिल को लेकर माहौल गर्मीपर। बीजेपी सरकार के साथ मित्रता भंग किया आसाम गण परिषद। 8 जनवारी से अनिश्चितकालीन अर्थनैतिक अवरोध और 8 जनवारी को भी नर्थ – ईस्ट बन्द। दिल्ली के संसद भवन के पास हुआ नंगा प्रदर्शन।
चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स,गुवाहाटी:आसाम के बीजेपी नेत्रीत्व सरकार के साथ मित्रता भंग किया है आसाम गण परिषद दल। आज दिल्ली मे गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुआ एक आलोचना के बाद आसाम गण परिषद के नेतृत्व ने मित्रता भंग करने का आनुष्ठानिक एलान किया है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव मे बीजेपी के साथ मित्रता करके चुनाव मे उतरे थे आसाम गण परिषद। और बाद मे बीजेपी से मिलकर आसाम सरकार का हिस्सा रहा था। आसाम गण परिषद के तिन बिधायक मन्त्री भी बने थे। मित्रता भंग के साथ तिन मन्त्रीयो ने भी पदत्याग का एलान किया। नागरिकता संशोधित बिल के खिलाफ थे आसाम गण परिषद।
वही दूसरी ओर बीजेपी बिल को किसी भी हाल पर संसद मे पारित करने का फैसला लिया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ आसाम गण परिषद के सभापति तथा आसाम सरकार के मन्त्री अतुल बोरा, मन्त्री केशव महन्त, मन्त्री फॅनीभुषण चौधरी, पुर्ब सांसद बीरेंद्र प्रसाद बैश्य शामिल थे। उनलोगो ने नागरिकता संशोधित बिल का घोर बिरोध किया लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उसको सम्पूर्ण तरीके से नाकारा।
नागरिकता संशोधित बिल 2016 को लेकर पुरे आसाम मे माहोल गर्म रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जनवारी को आसाम के शिलचर मे आयोजित बिजय संकल्प समावेश के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए नागरिकता संशोधित बिल 2016 को संसद मे पारित करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री के इस बयान को लेकर पुरे आसाम मे 100 से ज्यादा संगठनो ने प्रधानमंन्त्री के बिरुद्ध हल्ला बोल दिए है। 5 जनवारी को कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व मे 70 संगठनो ने मिलकर रास्ते पर उतार आये ओर जोरदार प्रदर्शन किया।
आसाम के सारोअर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद, मुख्यमंत्री सर्बानन्द सोनोवाल मुर्दाबाद, भारत सरकार हाय-हाय, आसाम सरकार हाय-हाय नारेबाजी से माहौल गरम हो रहे है। उधार आसाम जातीयतावादी युव चात्र परिषद ने राज्य के कॅलियाबर, बाक्सा, नाहरकटीया आदि कोई जगहो पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फुके। प्रतिवादीयो ने 37 नंबर हाइवे पर भी प्रदर्शन किए। दुसरी ओर डिब्रुगड़ विश्वविद्यालय चात्र संघ ने भी नागरिकता संशोधित बिल को लेकर प्रधानमंत्री के वयान का बिरोध करते हुए धर्णा प्रदर्शन किए। 6 जनवारी को कृषक मुक्ति संग्राम समिति के महिला मोर्चा ने बीजेपी के आसाम प्रदेश मुख्यालय घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। 7 जनवारी को अखिल आसाम चात्र संघ के साथ अल आसाम गरिया मरिया देशी जातीय परिषद समेत कुल 30 जनगोष्ठीय संगठनो ने मिलकर पुरे आसाम मे ब्लेक दे मनाया। चात्र संगठन ने काले झण्डे दिखाकर इस बिल का बिरोध जताया और बिल का प्रतिलिपि जलाए। आसाम के मुख्यमन्त्री सर्बानन्द सोनोवाल के घर के सामने भी प्रदर्शन किया। दुसरी ओर कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व मे 70 संगठनो ने घृणा दिवस मनाया और संगठनो के सदस्य ने नंगा होकर दिल्ली के संसद भवन के सामने प्रदर्शन करते हुए नागरिकता संशोधित बिल 2016 का घोर बिरोध किया। गुवाहाटी के दिखलीपुखुरी मे आसाम के शिक्षाविद, साहित्यिक, पत्रकारो ने भी धिक्कार दिवस मनाके नागरिकता संशोधित बिल को बातिल करने कि मांग कि बिरोध। इस प्रदर्शन मे आसाम के पुर्ब मुख्यमन्त्री तरूण गोगोई और प्रफुल्ल कुमार महंत ने भी हिस्सा लिया। 8 जनवारी से कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व मे 70 संगठनो ने आसाम मे अनिश्चितकालीन अर्थनैतिक अवरोध का एलान किया। साथ ही साथ 8 जनवारी को ही अखिल आसाम चात्र संघ के नेतृत्व मे कुल 30 जनगोष्ठीय संगठनो ने नर्थ – ईस्ट बन्द का एलान करके सरकार के खिलाफ जोरदार बिरोध जाहिर की।
इस बन्द को आसाम प्रदेश कांग्रेस, आसाम गण परिषद, कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व मे 70 संगठनो ने भी समर्थन किया। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधित बिल 2016 के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार आदि देश के हिन्दु लोग बिना असुविधा ओर कानूनी कार्रवाई बेगार भारत मे रह सकते है, भारत का नागरिक बन सकते है। हालांकि आसाम मे काफी अर्से से बांग्लादेशी घुसपैठीयो से जनजीवन प्रभावित हुए है। नागरिकता संशोधित बिल 2016 के जरिए आसाम को दुसरा बांग्लादेश बनाने मे भारत सरकार षड्यंत्र करते हुए आसाम के लोगो का अधिकार छीनना चाहते है। इस बिल के खिलाफ पिछले कई महीनो से आसाम मे जोरदार बिरोध हो रहे है।
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