संसद में पर्रिकर के टेप पर चुप्पी साध गई रक्षामंत्री नहीं दे पाई जवाब:निर्मला सीतारमण

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04 January 2019 (Publish: 04:58 PM IST)

मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: राफेल पर शुक्रवार को लोकसभा में जोरदार चर्चा हुई। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सवालों का एक-एक कर जवाब दिया, लेकिन इनमें एक सवाल बिना जवाब के रह गया। पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, जिनका नाम राफेल मामले में कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं द्वारा अक्सर उठाया जाता रहा है। हाल ही में राहुल गांधी ने संसद और उसके बाहर मनोहर पर्रिकर के एक कथित ऑडियो टेप का जिक्र किया था, जिसमें वे यह कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि राफेल डील की फाइलें उनके बैडरूम में हैं। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि राफेल मामले में पर्रिकर की कोई बात नहीं मानी गई। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने दो घंटे से अधिक समय के अपने भाषण में एक बार भी मनोहर पर्रिकर का नाम नहीं लिया।
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राहुल का मोदी पर फिर हमला

कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि राफेल डील में पीएम मोदी ने रक्षामंत्री, कानून मंत्रालय और डिफेंस अक्विजीशन विंग को किनारे कर दिया था। राहुल गांधी खुद कई बार कह चुके हैं कि राफेल की बेंच मार्क प्राइस की फाइल पर मोदी ने किसी की नहीं सुनी। रक्षा मंत्रालय के वित्तीय हेड सुधांशु मोहन्ते ने भी इस बाबत सवाल उठाया था, लेकिन उनकी बात भी नहीं सुनी गई। इसके बाद वह फाइल तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के पास गई। उन्होंने भी उस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। नेगोसिएशन कमेटी ने भी इस पर ऐतराज जताया। जहाज का बैंच मार्क प्राइस तय होने के बाद बैंक गारंटी या सोवरेन गारंटी का नम्बर आता है। कानून मंत्रालय ने 9 दिसम्बर 2015 को सलाह दी कि राफेल सौदे में बैंक गारंटी जरूरी है। मंत्रालय की दलील थी कि यह सौदा दूसरे देश के साथ हो रहा है। पैसा एडवांस में दिया जा रहा है, अगर बीच में सौदा रद्द हो गया तो पैसे फंस जाएंगे। 7 मार्च 2016 को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी कानून मंत्रालय की सलाह पर अपनी सहमति जताई और फाइल में कोई बदलाव नहीं किया। मोदी ने यहां पर भी किसी की नहीं सुनी। कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, पर्रिकर ने 7 मार्च 2016 को फ्रांस सरकार द्वारा बैंक गारंटी के नाम पर भेजे गए ‘लैटर ऑफ कम्फ़र्ट’ को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था।

निर्मला सीतारमण ने कथित टेप पर चुप्पी साधी

राहुल गांधी ने दो दिन पहले राफेल पर पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का एक ऑडियो टेप जारी कर राजनीति गर्मा दी थी। राहुल गांधी ने सदन में वह टेप चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगी थी, जो उन्हें नहीं मिली। इस टेप की बाबत राहुल का दावा है कि इसमें मनोहर पर्रिकर कथित तौर पर गोवा कैबिनेट की बैठक में कह रहे हैं कि राफेल डील से जुड़ी अहम फाइलें मेरे बैडरूम में हैं। कोई मुझ पर हाथ नहीं डाल सकता। यहां बता दें कि कई बार ऐसी खबरें मीडिया में आ चुकी हैं कि गोवा में पर्रिकर के खराब स्वास्थ्य के चलते उन्हें सीएम पद से हटाया जा सकता है। हालांकि राहुल गांधी के इस दावे को पर्रिकर ने गलत ठहराया था। लोकसभा में यह माना जा रहा था कि उस टेप को लेकर रक्षामंत्री निर्मला सीतामरण कुछ बोलेंगी, लेकिन वे पर्रिकर के मामले में चुप रही। यहां तक कि राफेल सौदे में पर्रिकर की क्या भूमिका रही, इस पर भी वे कुछ नहीं बोली।

पर्रिकर पर कांग्रेस का वार

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा और रणदीप सुरजेवाला कह चुके हैं कि राफेल डील का राज पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर जानते हैं। इन नेताओं का आरोप है कि मोदी ने राफेल डील में हर कदम पर पर्रिकर को बाईपास किया था। यही वजह है कि उनके खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्हें सीएम पद से नहीं हटाया जा रहा। गोवा के कई भाजपा नेता भी अंदरखाते यह मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी वे सीएम बने हुए इैं। मतलब साफ है कि राफेल डील को लेकर उनके पास अहम दस्तावेज हैं। वे जब चाहे तो राफेल मामले में मोदी का राज सार्वजनिक कर सकते हैं। यही वजह रही कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा के दौरान पर्रिकर को लेकर कुछ नहीं बोला।

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