असम के बिटिचि के खिलाफ आमचु ने किया धरना-प्रदर्शन। मे तानाशाही शासन बंद करे:आमचु।

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24 December 2018 (Publish: 02:25 PM IST)

चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स, गुवाहाटी:असम के बड़ो टेरिटरियेल काउंसिल यानी बिटिचि मे रह रहे अल्पसंख्यक लोगो के हक-अधिकार तथा लगातार नाईन्साफि कर रहे बिटिचि सरकार के तानाशाही शासन के खिलाफ आज अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने जंग चेर दि है। वहाके अल्पसंख्यक लोगो की हक-अधिकार छीन लिया है। अल्पसंख्यक समुदाय के बहुत बड़ा चात्र संगठन अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने आज बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को लेकर धर्णा प्रदर्शन की है। पिछले काफी अर्से से दुर्विह जीवन जापन कर रहे असम के बड़ो टेरिटरियेल काउंसिल यानी बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को गैरआन्दाज करती आ रही बिटिचि सरकार के खिलाफ कुल 20 मांग को लेकर आन्दोलन की है अल्पसंख्यक चात्र संगठन आमचु ने। आज दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक बिटिचि के मुख्य चहर कोकराझार मे धर्णा आन्दोलन करते हुए अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने जोरदार नारेबाजी की।

उनलोगो ने असम सरकार मुर्दाबाद, मुख्यमंत्री सर्बानन्द सोनोवाल मुर्दाबाद, बिटिचि सरकार हाय हाय, हाग्रामा महिलारी मुर्दाबाद नारेबाजी की। लगभग पाचसौ से ज्यादा नेता-कर्मीयो ने हिस्सा लिया ईस आन्दोलन के जरिए आमचु ने बिटिचि चुक्ति पुनरीक्षण करे; लाफिकुल ईसलाम की हत्याकारी को गिरफ्तार करे ओर सख्त सजा दे; अल्पसंख्यक लोगो की जीवन, सम्पत्ति का निरापत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करे; पंचास प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक लोग रहने वाले गांव के नाम बिटिचि से निकाल दे; साम्प्रदायिक हिंसा के बलि अल्पसंख्यक लोगो को आर्थिक सहायता का प्रतिश्रुति पालन करे; बिटिचि मे माइनॉरिटी बोर्ड बनाये;

बड़ोलेण्ड विश्वविद्यालय मे अरबी ओर उर्दू भाषा का अध्यापक नियुक्त करे से लेकर कुल 20 मांग की है। संगठन ने असम सरकार,असम के राज्यपाल ओर बिटिचि चीफ हाग्रामा महिलारी को ज्ञापन भी सौंपे। गौरतलब है कि 2003 मे असम सरकार के सहयोग से उग्रवादी संगठन बड़ो लिवारेशन टाइगर ने अस्त्र समर्पण करके केन्द्र सरकार केन्द्र साथ बिटिचि चुक्ति किये थे। जिस चुक्ति के आधार पर बड़ो समुदाय को राजनीतिक अधिकार के साथ साथ शैक्षिक, आर्थिक जैसे अधिकारो पर संरक्षण दिया गया। हालांकि असम के चार जिले को लेकर गठित बिटिचि मे सिर्फ 27 प्रतिशत बोड़ो सम्प्रदाय के लोग रहते है। 73 प्रतिशत साधारण हिन्दू, मुस्लिम, राभा, आदिवासी, बंगाली आदि समुदाय के लोग है। आज के धर्णा प्रदर्शन मे आमचु के महासचिव रेजाउल करिम सरकार, सचिव आब्दुर रहमान बिस्वास, बारपेटा जिले के सभापति नजरुल ईसलाम समेत बहुत सारे नेता मौजूद थे।

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