मिल्लत टाइम्स,पटना:बिहार में नीतीश कुमार ने एक नया नियम लागू करने जा रहे हैं जो एक काफी अहम बदलाव है सरकारी शिक्षकों को अब बिना उंगली लगाए हाजिरी नहीं बना पाएंगे क्योंकि पहले बहुत शिकायत रहती थी कि स्कूल से शिक्षक गायब है और उनकी हाजिरी बनी हुई रहती थी और ऐसी शिकायतें बीईओ और डीईओ को जांच करने के समय मिलता था अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि जब तक शिक्षक आएंगे नहीं तब तक हाजिरी बनेंगे नहीं
नए साल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार अब उनकी हाजिरी बायोमेट्रिक सिस्टम से लेगी। शिक्षा निदेशालय ने जिले के सभी स्कूल में 25 दिसंबर तक बायोमेट्रिक मशीनों को दुरुस्त कर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। ताकि 1 जनवरी 2019 से यह व्यवस्था लागू हो सके। विभाग ने सरकारी शिक्षकों की लेट लतीफी चलते यह कदम उठाया है। अब हर स्कूल में यह मशीन लगाई जाएगी। जहां मशीनें खराब पड़ी हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराया जाएगा।
अवकाश का प्रावधान मशीन में ही : बायोमेट्रिक मशीन में स्टाफ के लिए यदि आकस्मिक अवकाश चाहिए तो उसकी भी व्यवस्था मशीन में की गई है। मशीन में इस बारे में ऑप्शन दिया गया है। जिससे कर्मचारी आकस्मिक अवकाश भी ले सकते हैं, लेकिन कारण व विवरण लिखित में माह के अंत में भेजना होगा। मशीन को ई-सैलरी सिस्टम से अटैच करने का प्रोग्राम है।
स्कूल पहुंचने में देरी हुई तो कटेगा वेतन :आदेश में शिक्षकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि देरी हुई तो शिक्षक के वेतन से पैसा कटेगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षकों को निर्धारित समय से 15 मिनट पहले स्कूल पहुंचने की हिदायत दी है। यदि अध्यापक तीन दिन लगातार 5 मिनट देरी से पहुंचेगा तो शिक्षकों का एक दिन का वेतन और एक दिन 10 मिनट देरी से पहुंचने वाले शिक्षक का आधा दिन का वेतन काटने का नियम है। हर महीने स्कूल से ई मेल द्वारा वेतन संबंधित जानकारी प्राप्त करेगा।
बायोमेट्रिक व्यवस्था होने से शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचेंगे। पठन-पाठन में सुधार होगा। सभी विषयों की पढ़ाई होगी। जो शिक्षक लापरवाह थे, उन्हें अब विद्यालय में पढ़ाना होगा। इससे देर से पहुंचने वाले शिक्षकों पर नकेल कसा जा सकेगा। अभी आदेश पत्र प्राप्त नहीं है। निर्देश पर सभी कार्य किए जाएंगे। जगतपति चौधरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल
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