देहरादून: उत्तराखंड में मदरसों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम मदरसों की जांच कर रही है।
अब तक 452 मदरसों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 15 मदरसों को सील किया गया है। सबसे ज्यादा 8 मदरसे ऊधमसिंह नगर में सील हुए हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 4, नैनीताल में 4 और देहरादून में एक मदरसे को सील किया गया है।
अब तक सिर्फ 35 मदरसों को मिली मंजूरी
सरकार ने मान्यता हासिल करने के इच्छुक मदरसों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की है। अब तक 200 संस्थानों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है, जिनमें से सिर्फ 35 मदरसों को मंजूरी मिली है।
मदरसा बंद होने पर बच्चों का दाखिला कराना होगा
सरकार का आदेश हैं कि मदरसा बंद होने के बाद उसके प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी की बच्चों का नजदीकी अल्पसंख्यक स्कूल में दाखिला कराए होगा।
खजानदास बोले- नियमों के बिना नहीं चलेगा कोई संस्थान
कैबिनेट मंत्री खजानदास ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश हैं कि प्रदेश में कोई भी शिक्षण संस्थान बिना नियमों के नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि अल्पसंख्यक बच्चों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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