नई दिल्ली: केंद्र सरकार और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। बैठक के बाद CJP ने दावा किया कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला बताने के लिए 25 जुलाई 2026 की दोपहर तक का समय मांगा है। साथ ही, छात्रों की दो अन्य मांगों पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल तक फैसला
बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा,
“सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर (25 जुलाई 2026) तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही पद से हटा देगी।”
उन्होंने बताया कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR व अन्य कानूनी मामले वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
25 जुलाई को फिर होगी बैठक
उधर, जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसमें CJP ने अपनी तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे।
उन्होंने कहा,
“हमने उनकी सभी बातें सुनी हैं। सरकार इस पर विचार कर रही है। कल दोपहर फिर बैठक होगी, जिसमें सरकार अपना पक्ष बताएगी।”
CJP की प्रमुख मांगें
CJP लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि NEET पेपर लीक विवाद से निपटने में शिक्षा मंत्रालय विफल रहा और इसकी जिम्मेदारी मंत्री को लेनी चाहिए।
पार्टी की प्रमुख मांगें हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा।
- छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR और अन्य कानूनी मामलों को वापस लिया जाए।
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
सरकार और CJP के बीच अगली बैठक 25 जुलाई को प्रस्तावित है, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगों पर सरकार अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है।
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