नई दिल्ली, देश में आए दिन पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताख़ी की जाती हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई होती न ही उन्हें सजा दी जाती।
बल्कि ऐसा करने वाले लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देकर छोड़ दिया जाता हैं। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतीन ने पैग़म्बर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की निंदा की।
23 दिसंबर को हुई सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का अपमान करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा नहीं हो सकता। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि, “पैगंबर मुहम्मद का अपमान करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में नहीं गिना जाता है, यह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और इस्लाम को मानने वाले लोगों की पवित्र भावनाओं का उल्लंघन है।
पुतिन के इस बयान का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वागत किया और कहा है कि इस्लामोफोबिया के खिलाफ इसी तरह से संदेश देने की जरूरत है। रूस की समाचार एजेंसी तास (TASS) के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने कलात्मक आजादी पर जोर दिया। उन्होंने ये भी कहा कि कलात्मक आजाद का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि कलात्मक आजादी की एक सीमा होती है।
ऐसी आजादी का इस्तेमाल दूसरे समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं होना चाहिए। बता दें हिंदुस्तान में नरसिंहानंद जैसे कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी नेता आए दिन पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में अपशब्द बोलते हैं उनको यह बात समझने की ज़रूरत हैं। क्योंकी रूस के राष्ट्रपति का बयान पूरी दुनियां के लिए हैं।
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