नई दिल्ली, कठुआ दुष्कर्म मामले में सबूतों को नष्ट करने के लिए दोषी ठहराए गए सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी अपील लंबित रहते सजा निलंबित करने का आदेश दिया है। इस मामले में जम्मू और कश्मीर के कठुआ क्षेत्र में बकरवाल समुदाय की आठ वर्षीय लड़की के साथ मंदिर के पुजारी और अन्य द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करते हुए बड़े खुलासे हुए थे। इस मामले के कारण पैदा हुए तनाव के चलते इस केस को जम्मू कश्मीर के बाहर सुनवाई के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पंजाब के पठानकोट में सुनवाई हुई।
अदालत ने जून 2019 में उन्हें सबूतों को नष्ट करने के लिए दोषी पाए जाने के बाद पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी। दत्ता को रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 201 सपठित धारा 34 और धारा 120-बी के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया गया था।
हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करने की मांग पर कहा कि अभी इस मामले में अपील लंबित है जिस पर हाल फिलहाल सुनवाई नहीं होगी। ऐसे में हाईकोर्ट ने दत्ता की 5 साल की सजा को निलंबित कर दिया। दत्ता मामले के जांच अधिकारी थे और सबूतों को नष्ट करने के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था।
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