नई दिल्ली : ( फरहीन सैफी) इतिहास में ऐसा पहली बार हुए है कि किसी कैदी ने दूसरे कैदी की जमानत करवाई हो। यह खबर त्रिपुरा से है जहां अल्लामा कमर गनी जो की तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के सदर है उन्होंने जेल में रहते हुए एक आदिवासी लड़के की जमानत करवाई।
कैदी का नाम प्रभात है, उसपर साइकिल चोरी का करने का आरोप था, और वो अपनी मुकम्मल सज़ा भी काट चुका था।
मगर ज़मानत करवाने के लिए पैसे और कोई जमानती ना होने की वजह से वो जमानत के बाद भी जेल में था। यह बात जब अल्लामा कमर गनी को पता चली तो उन्होंने उस जेल के जेलर से बात करके अपने पैसो से उस व्यक्ति की जमानत करवाई।
उस जेल के जेलर का कहना था कि यह पहली बार हुआ है जब किसी कैदी ने दूसरे कैदी की जमानत कराई हो। ये सब बाते अल्लामा कमर गनी साहब ने मिल्लत टाइम्स से बात करते हुए बताई।
बता दे मौलाना कमर गनी उस्मान वही शख्स है जो त्रिपुरा के हिंसा प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे थे। जहां से पुलिस के द्वारा उन्हें और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
अल्लामा कमर गनी और उनके साथियों पर UAPA लगा दिया गया जिसके चलते उन्हें धर्मतला थाने से 23 नवंबर को कोर्ट के सामने पेश किया गया था फिलहाल वो जमानत पर बाहर है।
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