नई दिल्ली, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बाराबांकी में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा है कि मोदी देश के सबसे बड़े नौटंकीबाज प्रधानमंत्री हैं।
उन्होंने कहा है कि मोदी देश के सबसे बड़े नौटंकीबाज प्रधानमंत्री हैं। गनीमत है कि वे पॉलिटिक्स में आ गए वरना बेचारे फिल्म इंडस्ट्री वालों का क्या होता! सारे अवार्ड तो मोदी जी जीत जाते।
असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से कहा कि आपको पता है न … किसानों के तीनों कानून वापस लेने के बाद प्रधानमंत्री ने क्या कहा – उन्होंने कहा कि मेरी तपस्या में कमी रह गई, उससे साफ तौर से जाहिर हो रहा है कि आखिर हमारे देश के प्रधानमंत्री कितने बड़े एक्टिंगबाज हैं। आपने कहा – हमारी तपस्या में कमी थी। अरे 750 किसान मर गए फिर भी किसानों ने अपनी जमीन नहीं छोड़ी। डटे रहे, तपस्या उसे कहते हैं और आप कहते हैं कि मेरी तपस्या में कोई कमी रह गई।
ओवैसी का कहना है कि हकीकत यह है कि कृषि कानूनों को लेकर हो रहे आंदोलन से मोदी जी का इमेज खराब हो रहा था। साथ ही साथ उन्हें यह भी अनुमान था कि चुनाव में इसका सियासी नुकसान उठाना पड़ेगा। इसीलिए मजबूरी में इस कानून को वापस लेने का ऐलान किया है। ओवैसी ने कहा कि CAA और NRC भी असंवैधानिक है। उसे भी केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए।
वहीं राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और बीजेपी सांसद साक्षी महाराज की ओर से कृषि कानून वापस लाने वाले बयान पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि बीजेपी ऐसी पार्टी है जिसका मंत्री या एमपी आउट ऑफ द लाइन नहीं बोल सकता। जो इस तरह के बयान दे रहे हैं उनको या तो प्रधानमंत्री की इजाजत है या फिर किसानों को कंफ्यूज करने का मंसूबा बना रहे हैं।
ओवैसी ने कहा, अगर प्रधानमंत्री अपने मंत्री और सांसद की जबान को रोक नहीं पा रहे हैं तो बेहतर है कि उनकी सरकार फौरन ऑर्डिनेंस लाए और कानून को वापस ले उन्होंने कहा, बीजेपी अपने फायदे के लिए तो अध्यादेश लाती ही है। पार्लियामेंट का मजाक उड़ाती है, तो चलिए इस बार सही काम कर दीजिए।
ओवैसी ने कहा कि लखीमपुर कांड का जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और प्रदूषण के मुद्दे पर भी किसान अपनी जगह डटे हुए थे। से में मजबूरी में ही ये तीनों कानून वापस लिए गए। वहीं, यूपी चुनाव को लेकर पूछे सवाल पर ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों से बात चल रही है और कुछ ही दिनों में साफ हो जाएगा।
दरअसल, शुक्रवार को देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया था इसके बाद राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि जरूरत पड़ी तो दोबारा ऐसे कानून लाए जाएंगे। वहीं, बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी कहा था कि बिल बनते हैं, बिगड़ते हैं और फिर वापस आ जाते हैं। जबकि, फर्रूखाबाद से बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत ने प्रधानमंत्री मोदी के कानून वापसी के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा था कि उन्होंने मजबूरी में ये फैसला लिया है।
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