नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी की सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति और उनके दो साथी को रेप के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा दी गई है। शुक्रवार को लखनऊ की ‘एमपी-एमएलए अदालत’ के विशेष जज पवन कुमार राय ने ये फ़ैसला सुनाया।
दोषी करार दिए गए सभी लोगों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि का इस्तेमाल पीड़ित महिला के पुनर्वास में किया जाएगा। खनन मंत्री रहते हुए गायत्री प्रजापति और उनके अन्य सहयोगियों पर चित्रकूट की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने के आरोप में गैंगरेप और पोक्सो क़ानून के तहत दोषी करार दिया गया।
कोर्ट ने बुधवार को ये फ़ैसला सुनाते वक़्त गायत्री प्रजापति के दो अन्य सहयोगियों आशीष शुक्ल और अशोक तिवारी को भी दोषी करार दिया। आशीष और अशोक दोनो को भी आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी।
हालांकि अदालत ने तीन लोगों को दोषी पाने के अलावा प्रजापति के अन्य सहयोगियों अमरेंद्र सिंह उर्फ़ पिंटू, चंद्रपाल और रूपेश्वर उर्फ़ रूपेश को बरी कर दिया। चंद्रपाल गायत्री प्रजापति के गनर थे और बाकी सभी अभियुक्त उनके करीबी सहयोगी हैं, जिन पर महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
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