नई दिल्ली: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर राजद नेता तेजस्वी प्रसाद ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राज्य में शराबबंदी की नाकामी नीतीश कुमार की नाकामी है और हर जहरीली शराबकांड में होने वाली हर मौत के जिम्मेदार नीतीश कुमार खुद हैं।
उन्होंने पूछा कि क्या नीतीश कुमार नहीं जानते कि शराबबंदी कानून के लचर कार्यान्वयन के कारण राज्य में 20 हजार करोड़ की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है, जिसके सबसे बड़े लाभार्थी जदयू- भाजपा में बैठे शराब माफिया के लोग, सरकारी अफसर और पुलिस प्रशासन के लोग हैं? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने बड़ी कुटिलता से शराबबंदी से होने वाले अवैध आय को अपनी पार्टी की रीढ़ की हड्डी बना ली है।
आज तक शराब माफिया से मिलीभगत पर किसी वरिष्ठ अफसर या सत्तारूढ़ नेता पर कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि भाजपा-जदयू के नेताओं के खिलाफ लगातार सबूत मिलते रहे हैं, ये नेता पकड़ाए भी जा रहे हैं, इनके वीडियो भी सामने आते रहे है। बता दें कि राजद नेता ने शराबबंदी और शराब तस्करी को लेकर सीएम को निशाना बनाते हुए एक प्रेस वक्तव्य जारी किया है।
तेजस्वी ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री बताएं, शराबबंदी के नाम पर अपने प्रिय नजदीकी अधिकारियों संग हुई हजारों समीक्षा बैठकों में चाय-बिस्कुट और पकौड़ों की खपत के अलावा धरातल पर इन बैठकों का कोई सकारात्मक परिणाम सामने आया? 50 ट्रक शराब की तस्करी कराने के बाद पर एक पुराना ट्रक जब्त दिखाती है, जिसमें दिखावे के लिए सीमित मात्रा में शराब और बाकी पेटियों और बोतलों में बनावटी रंग भरा होता है। क्या बिहार की इंटेलिजेन्स, पुलिस और गृह विभाग इस सच्चाई से अवगत है?
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