नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के अमेठी के गौरी गंज से समाजवादी पार्टी के विधायक प्रताप सिंह इस बात से नाराज हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में दो सड़कें नहीं बनी हैं। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसी मुद्दे पर वे जीपीओ में धरना दे रहे हैं। उन्हें शुक्रवार रात डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भूख हड़ताल पर बैठे समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश प्रताप सिंह को पुलिस ने रात में उठा लिया। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जबरदस्ती ड्रिप भी लगाई गई ।
इस बात की जानकारी खुद प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा ,कल रात क़रीब 12:00 बजे मुझे प्रशासन एवम् पुलिस द्वारा झूठी रिपोर्ट पर जबरन सिविल अस्पताल में भर्ती कर दिया गया, सिविल अस्पताल की व्यवस्था बेहद ख़राब है, इस अस्पताल में मूलभूत सुविधाएँ भी नही हैं, क्या उत्तर प्रदेश की सरकार से एक विधायक अपने क्षेत्र की सड़क के लिए माँग भी नहीं कर सकता है? ये निरंकुश सरकार जनता की आवाज़ दबाना चाहती है लेकिन हम यह होने नहीं देंगे।
हमारी लड़ाई अंतिम साँस तक जारी रहेगी
#उत्तर_प्रदेश_सरकार_की_तानाशाही
कल रात क़रीब 12:00 बजे मुझे प्रशासन एवम् पुलिस द्वारा झूठी रिपोर्ट पर जबरन सिविल अस्पताल में भर्ती कर दिया गया, सिविल अस्पताल की व्यवस्था बेहद ख़राब है, इस अस्पताल में मूलभूत सुविधाएँ भी नही हैं, क्या उत्तर प्रदेश की सरकार से एक विधायक अपने pic.twitter.com/AxdTxY7YCq— Rakesh Pratap Singh (@rpsmlagauriganj) November 6, 2021
प्रताप सिंह ने कहा, “मैं अपनी भूख हड़ताल के पहले दिन से लोकतांत्रिक भूख हड़ताल पर हूं न तो मैंने और न ही मेरे समर्थकों ने ऐसा कुछ किया जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़े। मुझे सरकार और प्रशासन द्वारा जबरन सिविल अस्पताल लाया गया और मेरे दोनों हाथ बांधकर ड्रिप लगा दी गई. वह आगे लिखते हैं क्या अपनी जनता के लिए आवाज उठाना पाप है? क्या हमारे लोकतंत्र में जनहित के लिए कोई जगह नहीं है? मैं इस सरकार से पूछता हूं। लोगों की मांगें पूरी होने तक मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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