नई दिल्लीः हिंदुत्ववादी संगठनों के दबाव के बीच गुड़गांव जिला प्रशासन ने बीते मंगलवार को 37 निर्धारित स्थलों में से आठ जगहों पर नमाज अदा करने की अनुमति रद्द कर दी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की आपत्ति को कारण बताते हुए यह फैसला किया है।
हिंदुत्ववादी संगठनों ने प्रशासन की मंजूरी के बावजूद खुले में नमाज अदा करने का विरोध किया था, जिसके बाद प्रशासन को इन निर्धारित स्थलों की पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने को मजबूर होना पड़ा।
जिन स्थानों पर खुले में नमाज अदा करने की मंजूरी रद्द की गई, उनमें बंगाली बस्ती सेक्टर-49, वी ब्लॉक डीएलएफ फेज 3, सूरत नगर फेज-1, खेरी माजरा गांव के बाहर, द्वारका एक्सप्रेसवे पर दौलताबाद गांव के पास, रामगढ़ गांव के पास सेक्टर-68, डीएलएफ स्क्वायर टावर के पास, रामपुर गांव से नखरोला रोड तक शामिल हैं।
बता दें हिंदुत्ववादी संगठनों बीते दो महीनों से सेक्टर 12-ए और सेक्टर-47 में खुले में नमाज का विरोध कर रहे हैं। भगवा संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा मुस्लिमों द्वारा खुले में नमाज अदा करने का विरोध के बाद प्रशासन ने ये 37 स्थान निर्धारित किए थे। प्रशासन ने एक बार फिर उन स्थानों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया है, जहां नमाज अदा की जा सकती है।
सब डिविजनल मजिस्ट्रेट, सहायक आयुक्त स्तर का पुलिस अधिकारी, हिंदू और मुस्लिम समुदायों के सदस्य और सामाजिक संगठन इस समिति के सदस्य होंगे।
बयान में कहा गया, ‘समिति सभी हितधारकों से चर्चा के बाद फैसला लेगी और नमाज के लिए स्थान तय करने का फैसला स्थानीय लोगों की सहमति के बाद किया जाएगा। फैसला लेते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्षेत्र के नागरिकों को एक विशेष स्थान पर नमाज अदा करने को लेकर कोई आपत्ति न हो।नमाज किसी भी मस्जिद, ईदगाह या निजी स्थान पर अदा की जा सकती है।
दरअसल बीते 29 अक्टूबर को गुड़गांव में नमाज को बाधित करने के प्रयास में 30 लोगों को हिरासत में लिया गया था। ये लोग नारेबाजी कर रहे थे और इनके हाथों में विरोध के लिए प्लेकार्ड थे।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times