नई दिल्ली : T-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत के बाद से भारत के मुसलमानो को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही सिर्फ मुस्लिम को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा हैं।
मैच में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने पर देशद्रोह का केस लगाया जा रहा हैं। जिसपर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश दीपक गुप्ता ने कहा कि क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाना देशद्रोह नहीं हैं। जस्टिस दीपक गुप्ता ने द वायर को दिए अपनें इंटरव्यू में बताया कि “मैच के दौरान पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाना देशद्रोह नहीं हैं देशद्रोह का केस दर्ज़ करने के बारे में सोचना हास्यास्पद हैं।
ऐसे मामले अदालत पहुंचने के बाद बिलकुल भी नहीं टिकते, इन मामलों से सिर्फ अदालत का समय तथा जनता का पैसा बर्बाद होता हैं।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि क्रिकेट मैच में किसी भी टीम के लिए जश्न मनाना अपराध नहीं हैं, उन्होंने बलवंत सिंह और एनआरवी केस का उदाहरण देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने कहा हैं कि पंजाब में खालिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाना देशद्रोह नहीं हैं क्योंकि यह नारा हिंसा का आह्वान नहीं हैं।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि खेल में आप दूसरे पक्ष का समर्थन क्यों नहीं कर सकते। जब ऑस्ट्रेलिया में एक मैच खेला जाता है तो बहुत से आस्ट्रेलिया के नागरिक या भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भारत के लिए जयकार करते हैं। भारत में हममें से किसी को क्या लगेगा अगर उन पर अपने-अपने देशों में राजद्रोह का आरोप लगाया जाएं?।
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