नई दिल्ली (मिल्लत टाइम्स )…असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। दोनों ही पार्टियां एक दूसरे को हराने के लिए जद्दोजहद कर ही है। तो वहीं असम के विधानसभा चुनाव में तीसरी शक्ति के तौर पर (RD) और (AJP) का गठबंधन भी चुनावी मैदान में खड़ा हुआ है।
असम पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है पिछली बार बीजेपी सरकार असम में धार्मिक धुर्वीकरण के कारण अपनी जीत का परचम लहरा सकी। लेकिन अब बीजेपी बोल रही है हमलोगों ने बिना किसी भेदभाव और बेईमानी के जरूरतमंदों की मदद की है उनके लिये काम किया है। लोग हमें उन कामों के आधार पर देखेगी , ना कि नागरिकता संशोधन पर।
तो वहीं विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा बीजेपी सरकार ने राज्य के लोगों को बयानबाज़ी से भरमाया है। और ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया है।
असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में (AJP) और (UPPL) पार्टियां भी शामिल हैं।
लेकिन इस बार असम विधनसभा चुनाव में कांग्रेस का पलड़ा भारी नज़र आ रहा है इस बार कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम मतदाताओं की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है । जिसमें आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF), बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट(BPF),आंचलिक गण मोर्चा ( AGM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) शामिल हैं
असम में 42 सीटें तो इस कदर मुस्लिम बहुल हैं कि वहां मुकाबला ही कांग्रेस और ( AIUDF ) के बीच है इस बार भाजपा को रोकने के लिए हो सकता है मुस्लिम का एकजुट वोट कांग्रेस के हिस्से में आ जाये।
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