नई दिल्ली: शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में पिछले तीन महीने से चल रहे प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने कोरोनावायरस की मौजूदा परिस्थिति में फैसला किया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को अब चार घंटे से ज्यादा प्रदर्शन स्थल पर बैठने की इजाजत नहीं होगी।
प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी को बताया कि कोरोनावायरस महामारी की बढ़ती समस्या के कारण रविवार से यहां आने वाला कोई भी प्रदर्शनकारी सिर्फ चार घंटे ही धरनास्थल पर रहेगा, और उसके बाद वह यहां से चला जाएगा। यह व्यवस्था रविवार से लेकर कोरोनावायरस की समस्या समाप्त होने तक या कानून वापस होने तक जारी रहेगी।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान धरनास्थल पर माइक से किसी तरह की कोई घोषणा नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी फैसला किया है कि प्रदर्शनस्थल पर बच्चे और बुजुर्ग मौजूद नहीं होंगे, और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने गुरुवार रात आठ बजे कोरोनावायरस को देखते हुए सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है। इसके बाद से ही लगातार यह सवाल उठ रहा है कि शाहीनबाग के लोग रविवार के दिन प्रदर्शन करेंगे या नहीं? इसके बाद ही शाहीनबाग की तरफ से यह फैसला किया गया है।
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