गुरुद्वारा ननकाना साहिब के बाहर प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार किया जाए:शाही इमाम पंजाब

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05 January 2020 (Publish: 10:09 AM IST)

– दुनिया की कोई ताकत श्री ननकाना साहिब का नाम नहीं बदल सकती

लुधियाना 4 जनवरी (मेराज़ आलम ) : पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारा जन्मस्थान श्री गुरु नानक देव जी ननकाना साहिब के बाहर बीती शाम राणा मंसूर और उसके साथियों द्वारा किए गए रोष प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के बाहर गुस्ताखी की कोशिश को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। लुधियाना जामा मस्जिद में आज जोहर की नमाज़ के बाद निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि किसी भी धर्म का धार्मिक स्थान सब का सांझा होता हैं, पाकिस्तान पंजाब सरकार को चाहिए गुस्ताखी करने वालों पर मुकद्दमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए ताकि कोई ऐसी हरकत करने की कोशिश न करें।
शाही इमाम ने कहा कि राणा मंसूर की यह धमकी निंदनीय है कि वह ननकाना साहिब का नाम बदल देंगे, ननकाना साहिब का नाम 1947 में भी बदलने का नहीं सोचा गया क्योंकि श्री गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख भाइयों के लिए ही नहीं मुसलमानों के लिए भी उतने ही खास हैं। शाही इमाम ने कहा कि श्री ननकाना साहिब में हुए इस अफसोस नाक वक्या के पिछे कोई खतरनाक साज़िश है जो की दुनिया भर में बैठे सिख, मुस्लिम पंजाबियों को आपस में लड़वाना चाहती है। शाही इमाम ने कहा कि शोशल मीडिया में भडक़ाऊ भाषण देने वाले कान खोल के सुन लें ऐसी हरकतों से पंजाबियों का सदियों पुराना रिश्ता कमजोर होने वाला नहीं है।

शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि राणा मंसूर और उसके साथियों को सिख जगत से माफी मांगनी चाहिए क्यिोंकि राणा की नाराजगी ननकाना साहिब जिला प्रशासन से थी और उसने गुरूद्वारा साहिब के बाहर प्रदर्शन क्यों किया, और इस्लाम का नाम लेकर कहीं सिख मजहब के खिलाफ अपनी जुबान खोली। शाही इमाम ने कहा कि ऐसी हरकत करने वालों को शर्म आनी चाहिए।
एक सवाल का जवाब देते शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि कोई भी फिरका परस्त इस वाक्य को लेकर मुसलमानों औेर सिखों में नफरत फैलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं वह समझ लें कि हम इस अफसोसनाक वाक्या की निंदा इस लिए नहीं कर रहे की हम भारत में रहते हैं हम इस लिए निंदा कर रहे हैं कि मुसलमानों ने मुगल काल में भी जुलम के खिलाफ गुरू साहिबान का साथ दिया था, हम सच्चाई के साथ हैं और सच्चाई यह है कि ननकाना साहिब की धरती सभी पंजाबियों के लिए मुकद्दस है। शाही इमाम ने कहा कि दरअसल दुनिया भर में पंजाबियों में आपस में बढ़ रही नजदीकियां शरारती तत्वों को खल रही है और राणा मंसूर जैसे नापाक लोग उनको मोहरा बना के मुहब्बत को तोडऩा चाहते हैं। शाही इमाम ने पंजाब के सभी मुसलमानों से भी अपील की है कि वह इस अफसोसनाक वक्य की निंदा करें।

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