नागरिकता संशोधन बिल यानी के CAA और NRC के खिलाफ देशभर में ज़मकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कुछ जगहों पर इस प्रदर्शन के हिंसक होने की खबर थी पर उसके बाद आज भी शांतिपूर्ण ढंग से यह प्रदर्शन जारी है पर यह खबर गोदी मीडिया की खबरों से दूर है दिल्ली के जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन पिछले 13 दिसंबर से ज़ारी है।
इसी बीच केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने पहले ही घोषणा की थी कि उनकी सरकार संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपने राज्य में लागू नहीं करेंगे। विधानसभा में मंगलवार को प्रस्ताव पेश करके इसे एक के मुकाबले 138 मतों से पास करवाकर उन्होंने अब केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
विजयन ने कहा कि केंद्र को अपने संकीर्ण और भेदभाव वाले रवैये को त्यागकर सबके साथ समान व्यवहार करना चाहिए। केरल विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा है जिसने सीएए लागू करने और जनसंख्या रजिस्टर बनाने की कवायद के विरोध में ऐसा प्रस्ताव पास किया है।
139 सदस्यों वाली विधानसभा में लेफ्ट फ्रंट के पास बहुमत है। इसके अलावा उसे कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का भी साथ मिला है। प्रस्ताव के खिलाफ में बीजेपी के एकमात्र विधायक ओ राजगोपला ने वोट डाला। उन्होंने विधानसभा में कहा कि देश की संसद से बनाए गए कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाना गैरकानूनी है और यह देश के संघीय ढांचे के खिलाफ भी है।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times