नई दिल्ली, बिहार के सिवान में महावीर अखाड़े ने 10 सितंबर को एक जुलूस निकला। जिसमें उन्होंने मुसलमानों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं मस्जिद के सामने रुककर गलत नारेबाजी की और मुसलमानों के घरों को तोड़ा गया।
इस मामले में पुलिस ने एक 8 साल के बच्चे को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है। वहीं इस बात पर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने फिर से ट्वीट कर इस मामले की निंदा की है।
ओवैसी ने कहा कि 8 साल के रिजवान और 70 साल के यासीन कैद हैं। लालू प्रसाद ने 1990 में आडवाणी को ‘गिरफ्तार’ कर गेस्ट हाउस भेजा था। इस ‘एहसान’ को चुकाने के लिए भला मुसलमानों को कितनी नस्लों की कुरबानी देगी होगी?
8 साल के रिज़वान और 70 साल के यासीन क़ैद हैं।@laluprasadrjd ने 1990 में अडवाणी को “गिरफ़्तार” कर गेस्ट हौज़ भेजा था।इस “एहसान” को चुकाने भला मुसलमानों को कितने नस्लों की क़ुरबानी देगी होगी? लालू के लाल एहसान जताते-जताते मंत्री बन गए, लेकिन हमारे बच्चे और बुजुर्ग…?@yadavtejashwi pic.twitter.com/AA9YnYtEYI
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 11, 2022
इस मामले में एसपी शैलेश कुमार ने बताया कि 35 लोगों पर नामजद एफआईआर, 100 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर और दोनों पक्षों की तरफ से कुल 20 गिरफ्तारी हुई है। जिसमें एक आठ साल का मुस्लिम बच्चा भी शामिल है। अब सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहा है कि नन्हें बच्चे का क्या कसूर है। प्रशासन ने उसे क्यों गिरफ्तार किया है। 8 साल के मुस्लिम बच्चे को जेल भेज देने के बाद से असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इससे पहले भी उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि नीतीश कुमार के राज में बच्चे भी महफूज नहीं हैं। उन्हें कोर्ट में रस्सी से बांधकर पेश किया जाता है। दंगाइयों को पकड़ने के बजाय पुलिस मुसलमान बच्चों को निशाना बना रही है। पुलिस कर्मियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए और बच्चे के घर वालों को मुआवजा मिलना चाहिए।
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