नई दिल्ली, हेट स्पीच मामले में रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा बृहस्पतिवार को सुनाई गई सजा के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में आजम खां की सदस्यता समाप्त को रद्द कर दिया गया है।
अब रामपुर सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। विधान सभा सचिवालय ने रामपुर सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी है। अब चुनाव आयोग इस सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा करेगा। सवाल यह उठता है की स्पीच मामले में सिर्फ आजम खान को ही सजा क्यों दी जा रही है।
जबकि उनका बयान चुनावी रैली द्वार विपक्ष पार्टी पर दिया जो हर नेता करता है। लेकिन बीजेपी के प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा जैसे नेताओं ने खुले मंच पर मुसलमानों के लिए जहर उगला है, फिर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं।
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खान रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे। उन्होंने 07 अप्रैल 2019 को अपने चुनाव प्रचार के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था।
आजम खां के भाषण का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मिलक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले में आजम खां जमानत पर चल रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसले के लिए 27 अक्तूबर की तिथि फैसले के लिए निर्धारित की थी।
गुरुवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में आजम खां को दोपहर लगभग दो बजे दोषी करार कर दिया। कोर्ट ने शाम लगभग साढ़े चार बजे अपने फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई। इसके बाद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25-25 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर अपील दाखिल तक आजम खां को अंतरिम जमानत दे दी।
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