नई दिल्ली, सपा विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान को हेट स्पीच मामले तीन साल की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं आजम खान पर 6 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।अदालत ने सजा देने के साथ ही आजम को जमानत भी दे दी है।
खबर के मुताबिक सजा के बाद आजम खान की विधायकी खतरे में आ सकती है। आजम खान को सजा केवल उनके लिए नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। आजम खान सपा में अखिलेश यादव के बाद सबसे कद्दावर नेता माने जाते हैं। दोपहर करीब दो बजे एमपीएमएलए की विशेष अदालत ने सुनवाई शुरू करने के बाद आजम को दोषी ठहराते ही कस्टडी में ले लिया था। चार बजे के करीब अदालत ने फैसला सुनाया। इस दौरान आजम खां कस्टडी में ही रहे।
सवाल उठता है की हेट स्पीच मामले में मुसलमान होने पर आजम खान को 3 साल की सजा दे दी गई, लेकिन यटि नरसिंहानंद, कपिल मिश्रा जैसे लोगो के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बता दें आजम के खिलाफ तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था। तीनों ही मामलों में उन्हें दोषी माना गया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आजम पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि भाषण के दौरान आजम खां ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
इससे पहले आजम खान ने फैसले की तारीख टालने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उनकी ओर से कहा गया था कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए फैसले की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने उनकी दलील खारिज करते कर दी थी।
भड़काऊ भाषण का यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां लोकसभा का चुनाव लड़़ रहे थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। आजम खां चुनाव जीत गए थे। चुनाव प्रचार के दौरान उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। इसमें एक मामला मिलक कोतवाली में हुआ था। इसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और तत्कालीन जिलाधिकारी के लिए अपशब्द कहे।
आजम खान के इसी भाषण को हेट स्पीच बता कर 3 साल की सजा सुनाई गई है जबकि यह एक तंज़ है और जो लोग दिन-रात हेट स्पीच दे रहे हैं लगातार जहर उगल रहे हैं कत्ले आम की बात कर रहे हैं वह आज़ाद घूम रहे हैं, उन पर एफ आई आर भी दर्ज नहीं होती।#AzamKhan नाम ही काफ़ी है pic.twitter.com/4B0rBBzJIF
— Millat Times (@Millat_Times) October 28, 2022
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