सर्वोच्च न्यायालय का कोरोना से जुड़े मामलों को उच्च न्यायालयों से अपने पास ट्रांसफर करने का फैसला परिस्थिति से निबटने में कारगर नहींः पॉपुलर फ्रंट

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24 April 2021 (Publish: 12:15 PM IST)

प्रेस रिलीज़
नई दिल्ली
24 अप्रैल 2021
सर्वोच्च न्यायालय का कोरोना से जुड़े मामलों को उच्च न्यायालयों से अपने पास ट्रांसफर करने का फैसला परिस्थिति से निबटने में कारगर नहींः पॉपुलर फ्रंट

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव अनीस अहमद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का कोरोना से जुड़े उच्च न्यायालयों में दर्ज मामलों को अपने पास ट्रांसफर करने का फैसला विभिन्न बुनियादों पर अनुचित है। उन्होंने आगे कहा कि यह राहत की बात है कि सर्वोच्च न्यायालय आखिरकार अपने इस फैसले को वापस लेने के लिए तैयार हो गया, वरना उच्च न्यायालयों की कोई आवश्यकता ही नहीं बचती। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर हर तरफ से विशेषकर कानूनी बिरादरी की तरफ से आलोचना की गई थी, जिसमें वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) शामिल हैं।

एक के बाद एक उच्च न्यायालयों ने मोदी सरकार की नाकामी पर जमकर फटकार लगाई, तो अचानक सुप्रीम कोर्ट को होश आया और उसने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसपर जनता ने अपनी चिंता जताई है। यह अच्छी बात है कि दिल्ली, बंबई और मद्रास सहित अन्य उच्च न्यायालयों ने कोरोना से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। इस तरह उच्च न्यायालयों ने स्पष्ट रूप से यह कहा है कि जब तक अपील नहीं की जाती और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में नहीं चला जाता उस वक्त तक वे इन मामलों को स्थगित नहीं करेंगे।

सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को तत्काल रुप से सक्रिय करने के लिए तो हस्तक्षेप नहीं किया, ताकि वह कोरोना संकट को देखते हुए उसके लिए पहले से तैयारी करे। लेकिन जब लोगों के जीने के मौलिक अधिकार की रक्षा में सरकार की आपराधिक नाकामी के खिलाफ विभिन्न उच्च न्यायालयों की तरफ से कड़ी आलोचना की गई, तब अचानक सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप का फैसला किया। पॉपुलर फ्रंट यह समझता है कि नागरिकों की सहायता और उनके जीने के अधिकार की रक्षा करने के बजाए, सुप्रीम कोर्ट का यह कदम उच्च न्यायालयों के हस्तक्षेप के कारण पैदा हुए सकारात्मक प्रभाव को खत्म करने के लिए उठाया गया था।

पॉपुलर फ्रंट का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का आपने पिछले फैसले को वापस लेना देश के नागरिकों द्वारा दिखाई गई चैकसी और लगातार कोशिश का नतीजा है। हमें इस चैकसी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि इस विनाशकारी महामारी को लेकर प्रशासनिक कुप्रबंधन के अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके। इसी बीच यह देखकर काफी हौसला मिलता है कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए तैयारी में सरकार की गंभीर नाकामी के बावजूद, लोग ज़िंदगीयों को बचाने के लिए बढ़-चढ़कर एक दूसरे की सहायता कर रहे हैं।

डायरेक्टर, मीडिया व जनसंपर्क
मुख्यालय, पाॅपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया
नई दिल्ली

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