शहाबुद्दीन की मौत की हो न्यायिक जांच: कमर अख्तर
जांच मे दोषी पाये जाने वालों पर हो ३०२ का मुकदमा
मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट
सीतामढ़ी- पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की मौत की हो न्यायिक जांच एवं दोषी पाये जाने वालों पर ३०२ का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उक्त बातें मुस्लिम सिटीजंस फार एम्पावरमेंट के अध्यक्ष मो कमर अख्तर ने कही। उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन उसूल पंसंद एवं सिद्धांत पसंद व्यक्ति थे। उनका पूरी राजनीतिक जीवन राजद को समर्पित था। राजद को उन्होंने पूरे बिहार मे मजबूती प्रदान की। एक समर्पित कार्यकर्त्ता की भांति अपनी पूरी ताकत संगठन के मजबूती में लगा दी। पूरे जीवन कोई सौदेबाजी नही की। राजद के खराब समय में भी साथ नही छोड़ा, चट्टान की समान राजद के साथ रहें। पंरतु वही राजद के शीर्ष नेतृत्व इनके आखिरी समय पर इनके साथ नही रहा। दिल्ली में लालू यादव एवं तेजस्वी यादव के मौजूद रहने के बावजूद शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा को इन लोगों का साथ नही मिला। इनके परिवार का कोई सदस्य उनके अंत्येष्टी में शामिल नही हुआ और न ही सदमे में डुबे परिवार को सांत्वना देने पहुंचा। ओसाम के सीवान आ जाने पर कुछ दिनों पश्चात तेज प्रताप औपचारिकता पूरा करने सीवान जरूर पहुंचे,जबकि दूसरे दल के नेता भी सांत्वना देने पहुंच रहे थे। लालू परिवार या राजद द्वारा उनके लिए कोई आवाज नही उठाई गई। जिस तरह शहाबुद्दीन ने राजद के लिए संकटमोचन का कार्य किया ,राजद ने उनकी उपेक्षा की। अख्तर ने कहा कि यह माई समीकरण कैसा है जो आपसे सत्ता प्राप्ति के लिए सहयोग तो लें पर आपको उनका सहयोग न मिलें। शहाबुद्दीन भागलपुर जेल से निकले के बाद लालू को अपना नेता माना। मजबूती से इस बात पर अडे रहे। हालांकि इसका खामियाना भी इन्हें भुगतना पड़ा। पंरतु उन्होंने अपने सिद्धांत पर कायम रहते हुए राजद के साथ रहे, लेकिन वही राजद एवं लालू परिवार के द्वारा इनके लिए कुछ नही करना चिंता का विषय है।
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