नई दिल्ली (मिल्लत टाइम्स ) श्री दानिश अली का कहना था कि उनके क्षेत्र गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट जिसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हरिद्वार कहा जाता है। यहाँ पर म्यूनिसिपैलिटी के बीच में टोल बना दिए गए हैं और आते जाते लोगों से टोल वसूला जाता है जो नहीं होने चाहिये।
आम तौर पर टोल हर 60 किमी पर लिया जाता है लेकिन यहाँ टोल म्यूनिसिपैलिटी के बीच में आने और हर महीने पूर्णमासी पर लाखों श्रधालु आने के बावजूद 40 किमी पर टोल वसूला जा रहा है।
कुँवर दानिश अली गंगा के पुल ब्रजघाट को मरम्मत का मामला उठाते हुये कहा कि यहाँ मरम्मत कार्य पिछले 4 साल से चल रहा है। एक तरफ़ से पुल बंद है जिसके कारण सैंकड़ों दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। पिछले साल 6 जून को मंत्री जी का जवाब आया कि यह कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाएगा! पिछले महीने 2 फ़रवरी को मुझे एक और जवाब आया कि पुल का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है लेकिन 8 मार्च की दिशा की बैठक में अधिकारियों ने मुझे बताया कि अभी इसमें 6 महीने और लगेंगे।
कुँवर दानिश अली के पूरक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने सदन को आश्वासन दिया कि देश में ऐसे कई टोल प्लाज़ा हैं जो ग़लत हैं और वहाँ अन्याएपूर्ण वसूली की जा रही है। यदि सरकार उन्हें रद्द करती है तो ठेकेदार नुक़सान भरपायी की माँग करेंगे। सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले एक साल के अंदर सभी टोल प्लाज़ा को समाप्त किया जाएगा और टोल की वसूली गाड़ियों में लगे जीपीएस सिस्टम के ज़रिये की जायेगी।
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