नई दिल्ली, यूपी के श्रावस्ती जिले से एक 13 साल के बच्चे की पिटाई का मामला सामने आया है। बच्चे का कासूर इतना था की वह अपने स्कूल की फीस लेकर नहीं जा पाया था।
इस बात पर उसे इतना पीटा गया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले राजस्थान के जालौर में एक टीचर ने दलित बच्चे की पिटाई कर दी, उसे इतना मारा था कि उसके मौत हो गई। ऐसे खबरों से लगाता है अब आपके बच्चे स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं है।
बच्चों को मां बाप पढ़ने के लिए भेजते है, लेकिन टीचरों का ऐसा व्ययवहार शर्मनाक है। दऱअसल मृतक छात्र के भाई राजेश विश्वकर्मा का कहना है कि “मेरे भाई को उसके शिक्षक ने स्कूल की फीस जो कि 250 रुपये प्रति माह है, उसके कारण पीटा था। मैंने फीस ऑनलाइन दी थी, लेकिन शिक्षक को पता नहीं चला और मेरे भाई को बेरहमी से पीटा। पिटाई से उसका हाथ टूट गया और आंतरिक रक्तस्राव हुआ।
बहराइच में इलाज के दौरान बीते 17 अगस्त को उसकी मौत हो गई। वहीं मामले की जानकारी देते हुए श्रावस्ती जिले के एसपी अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि सिरसिया थाना के पास एक स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा तीन के 13 साल के छात्र की 17 अगस्त को बहराइच के अस्पताल में मौत हो गई थी। उसके चाचा की शिकायत में कहा गया कि आठ अगस्त को उसके स्कूल के शिक्षक ने उसे पीटा था। शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। जांच में अगर शिक्षक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, राजस्थान के जालौर में दलित छात्र को स्कूल में मटके से पानी पीने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। टीचर ने छात्र को इतनी बेरहमी से पीटा था कि उसकी जान चली गई। स्कूल में बिना अनुमति मटके से पानी पीने पर टीचर ने छात्र को बेरहमी से पीटा था। उसे इलाज के लिए गुजरात रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
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