नई दिल्ली: ऑल्ट न्यूज़ के पत्रकार मोहम्मद जुबैर पर एक और मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। इस बार उनके खिलाफ लखीमपुर खीरी पुलिस ने वॉरंट जारी किया है। दरअसल शुक्रवार को एक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत देने के कुछ घंटों बाद जुबैर के खिलाफ लखीमपुर खीरी पुलिस ने वॉरंट जारी किया है।
द वायर की खबर के मुताबिक, लखीमपुर पुलिस ने 18 सितंबर 2021 को एक अदालत के निर्देश पर जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। 16 मई, 2021 को किए गए एक ट्वीट के लिए उन पर धारा 153-ए (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत आरोप लगाया गया था।
इस ट्वीट में जुबैर ने बताया था कि कट्टर दक्षिणपंथी चैनल सुदर्शन टीवी ने 2021 में गाजा पट्टी पर इजरायल की बमबारी की रिपोर्ट करते हुए प्रसिद्ध मदीना मस्जिद की छेड़छाड़ की गई तस्वीर का इस्तेमाल किया था।
हैरानी की बात यह है कि जिस शिकायत के आधार पर अदालत ने यूपी पुलिस को जुबैर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, वह लखीमपुर के एक सुदर्शन टीवी रिपोर्टर ने दर्ज करवाई है, जिसने अपनी शिकायत में ट्विटर को भी सहआरोपी बताया है।
16 मई, 2021 के अपने ट्वीट में जुबैर ने सुदर्शन टीवी के ट्विटर हैंडल से ली गई मदीना मस्जिद की छेड़छाड़ की गई तस्वीरें पोस्ट करते हुए सवाल किया था, ‘क्या यह रिपोर्टिंग है या हिंसा भड़काने की कोशिश?’ हिंदू दक्षिणपंथियों के सोशल मीडिया पोस्ट में मदीना की अल-मस्जिद अन नबावी मस्जिद का लगातार दुरुपयोग एक नियमित और आम बात हो चुकी है।
गाजा में इजरायली मिसाइल हमलों के दौरान मस्जिद पर बमबारी की फोटोशॉप की गई तस्वीरों को फैक्ट-चेक करते हुए जुबैर ने उत्तर प्रदेश पुलिस, नोएडा पुलिस और यूपी के डीजीपी से भी आग्रह किया कि वह हिंसा भड़काने के इस जानबूझकर किए गए प्रयास के खिलाफ कार्रवाई करें।
हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया। अब घटना के लगभग एक साल बाद पुलिस ने उस ज़ुबैर के खिलाफ सितंबर 2021 में दर्ज की गई एफआईआर को जुबैर के खिलाफ वॉरंट पाने के लिए खोद निकाला है। वो भी ऐसे समय में जब उन्हें तीन हिंदुत्ववादी नेताओं-यति नरसिंहानंद, महंत बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप, जो हेट स्पीच के मामले में आरोपी हैं, को ‘घृणा फ़ैलाने वाला’ कहने के आरोप में सीतापुर पुलिस द्वारा दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट से पांच दिन की अंतरिम जमानत मिली है।
लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी थाने में शिकायत दर्ज कराने वाले सुदर्शन टीवी के रिपोर्टर आशीष कुमार कटियार ने आरोप लगाया है कि जुबैर ने दुनिया भर के मुसलमानों को ‘चैनल के खिलाफ लामबंद करने और देश में दंगे शुरू करने के लिए’ भड़काने के लिए एक ‘फर्जी ग्राफिक’ का इस्तेमाल किया है।
कटियार का दावा है, ‘यह मामला 14 मई 2021 का है जब आरोपी नं. 1 (जुबैर) आरोपी नं. 2 (ट्विटर) की मदद से एक नकली ग्राफिक के आधार पर एक अफवाह शुरू की जिसमें आरोप लगाया गया कि सुदर्शन समाचार द्वारा इस्तेमाल किया गया ग्राफिक मस्जिद नबवी मदीना का है। उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से अपील की कि वे बवाल पैदा करें और चैनल के खिलाफ लामबंद हों और देशों में दंगे शुरू करें। कुछ लोगों ने इस खबर पर प्रतिक्रिया दी और राष्ट्रविरोधी जहर फैलाया गया।
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