सीतामढ़ी
साधारण परिवार में जन्म लिए कपरौल गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सह पत्रकार मो० इश्तेयाक आलम की दोनों लड़कियों बुशरा परवीन एवं उज़मा परवीन ने मैट्रिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर अपने ज़िला के साथ अपने माता-पिता का नाम रौशन किया है,
दोनों बहनों ने साबित कर दिया है कि सही जज़्बा और लगन हो तो संसाधन की कमी मंज़िल के पाने में कभी बाधा नहीं बनती है,
इस वैश्विक महामारी में जब सारे स्कूल,कोचिंग संस्थान पूरे साल बन्द थे ऐसे में बच्चियों का बेहतर रिजल्ट देना मायने रखता है,
शिक्षकों के मार्गदर्शन में घर पर पढ़ाई और अपनी मेहनत की बदौलत अच्छा अंक लाया जा सकता है,
दोनों बच्चियों ने कहा कि अभिभावक हमेशा बेहतर से बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे,
सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार मो० इश्तेयाक आलम ने कहा कि उनकी दोनों बेटियां मेधावी छात्राएं रही हैं और अपने कोचिंग में हमेशा अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं,
इन दोनों बच्चियों से प्रेरणा लेते हुए सभी को अपने बच्चे व बच्चियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है,
विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों को,
क्योंकि उनके शैक्षणिक पिछड़ेपन के कारण ही वह हर मैदान जैसे सामाजिक,आर्थिक, राजनीतिक पिछड़ेपन के शिकार हैं।
बड़ी संख्या में लोगों ने इन दोनों बच्चियों को मुबारकबाद पेश करते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की दुआएं दी हैं।
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