नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया गया है। सीएम बनर्जी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल घोटाले में पार्थ का नाम सामने आने के बाद टीएमसी और ममता बनर्जी ने उनसे दूरी बना ली थी।
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पार्थ चटर्जी को तत्काल प्रभाव से उनके मंत्री पद की जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाता है। यह आदेश 28 जुलाई से लागू है। बता दें, पार्थ चटर्जी फिलहाल उद्योग मंत्री थे। जब वह शिक्षा मंत्री थे उस दौरान हुए घोटाले के लिए उनको गिरफ्तार किया जा चुका है।
बंगाल के चीफ सेक्रेटरी की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, पार्थ चटर्जी को उद्योग मंत्री के पद से हटाये जाने के साथ-साथ बाकी पदों से भी हटाया गया है। इसमें सूचना एंव प्रसारण विभाग, संसदीय मामलों से जुड़े विभाग आदि से भी उनकी छुट्टी कर दी गई है।
पार्थ के खिलाफ एक्शन लेने के बाद ममत बनर्जी ने कहा कि मैंने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है। मेरी पार्टी सख्त कार्रवाई करती है। इसके पीछे कई योजनाएँ हैं लेकिन मैं विवरण में नहीं जाना चाहती। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे भ्रष्टाचार या किसी गलत काम का समर्थन नहीं करतीं। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन मेरे खिलाफ चलाये जा रहे दुर्भावनापूर्ण अभियान की मैं निंदा करती हूं। वहीं ईडी ने बुधवार को कोलकाता स्थित अर्पिता के एक दूसरे फ्लैट पर छापा मारा।
इस फ्लैट्स से 27 करोड़ 90 लाख रुपए की भारी भरकम कैश बरामद हुआ। यहां से 56 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा भी जप्त हुई है। इससे पहले अर्पिता के फ्लैट से 21 करोड़ 90 लाख रुपए की बरामदगी हुई। फ्लैट से पेन, हार सहित बेशकीमती आभूषण मिले हैं। जूलरी की कीमत 4.31 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पिछले सप्ताह अर्पिता के फ्लैट से 76 लाख रुपए के आभूषण बरामद हुए।
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