नई दिल्ली, बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले पर जवाब मांगा है।
साथ ही कोर्ट ने दोषियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले पर अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। दरअसल, गुजरात सरकार ने 15 अगस्त को बिलकिस बानो मामले के सभी 11 दोषियों को अपनी रिहाई नीति के तहत रिहा कर दिया था। इस फैसले को लेकर गुजरात सरकार की पूरे देश में आलोचना हो रही है। राजनीतिक दलों से लेकर बुद्धिजीवी वर्गों ने भी बीजेपी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि 14 लोगों की हत्या और गर्भवती महिला से गैंगरेप के दोषियों को छोड़ दिया गया? हम चाहते हैं कि रिपोर्ट यहां मंगाई जाए और देखा जाए कि कमेटी ने कैसे रिहाई की सिफारिश की। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सवाल यह है कि गुजरात के नियमों के तहत दोषी छूट के हकदार हैं या नहीं? हमें यह देखना होगा कि क्या छूट देते समय यह ध्यान में रखा गया था या नहीं।
साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सभी दोषियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट बिलकिल के 11 दोषियों की रिहाई का परीक्षण करेगा। इस संबंध में गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
बता दें कि साल 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। इतना ही नहीं बिलकिस की बेटी समेत उनके परिवार के 7 सदस्यों की हत्या कर भी कर दी गई थी। बिलकिस ने मामले की सुनवाई गुजरात से बाहर करने की अपील की थी।
जिसके बाद इस केस को मुंबई ट्रांसफर कर दिया गया था। कई सालों की सुनवाई के बाद 2008 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने गैंगरेप और बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 12 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसमें से एक मुकद्दमे के दौरान मर गए और 11 लोगों को जेल भेजा गया था। लेकिन गुजरात सरकार ने 15 अगस्त को सभी 11 दोषियों को रिहा कर दिया था।
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