नई दिल्ली. कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में कोरोनावायरस के चलते खड़े हुए संकट से निपटने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, सभी राज्यपाल और सांसदों की सैलरी में एक साल तक 30% कटौती की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई इस बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सांसदों को मिलने वाली निधि भी 2022 तक रोक दी जाएगी। सांसदों को 10 करोड़ की रकम क्षेत्र के विकास के लिए मिलती है। वेतनमान में की गई कटौती और सांसद निधि की रकम कंसोलिडेटेड फंड में जाएगी।
किसे, कितना वेतन मिलता है
पद वेतन/प्रति माह
राष्ट्रपति 5 लाख रु.
उप-राष्ट्रपति 4 लाख रु.
राज्यपाल 3.5 लाख रु.
प्रधानमंत्री 2 लाख रु.
सांसद 2 लाख रु.
एक्शन प्लान पर काम करने के निर्देश
मोदी ने लॉकडाउन के बाद के एक्शन प्लान पर काम करने के निर्देश भी मंत्रियों को दिए हैं। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे उन इलाकों में विभागों को धीरे-धीरे खोलने की योजना बनाएं, जो कोरोनावायरस के हॉटस्पॉट के रूप में नहीं उभरे हैं।
मोदी ने मंत्रियों से 10 बड़े फैसलों और 10 प्राथमिकताओं की सूची बनाने को कहा है। 21 दिन के लॉकडाउन की मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है।
किसानों की मदद के लिए ऐप व्यवस्था हो- मोदी
प्रधानमंत्री ने बैठक में मंत्रियों के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रहे फीडबैक की वजह से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कारगर रणनीति बनाने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सभी नेताओं के लिए यह जरूरी है कि वह संबंधित राज्यों और जिला प्रशासन से लगातार सम्पर्क में रहें। खासतौर पर उन जिलों में जो कोविड-19 के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। ताकि वहां की जमीनी स्थिति के बारे में उन्हें भी पता रहे और समस्याओं के समाधान में वे मदद कर सकें। मोदी ने कहा कि फसल कटाई के लिए सरकार किसानों को हरसंभव मदद मुहैया कराएगी। प्रधानमंत्री ने ऐप आधारित कैब सर्विस की तर्ज पर मंडियों से किसानों को जोड़ने के लिए ऐप आधारित ट्रक सेवा उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।(इनपुट भास्कर)
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