प्रेस विज्ञप्ति
दरभंगा बिहार:पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम ने एक बयान में दिल्ली पुलिस द्वारा जाने-माने इस्लामी विद्वान, पत्रकार और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ लगाए गए देशद्रोह और अन्य मनगढ़ंत आपराधिक आरोपों की कड़ी निंदा की है।
डॉ. जफरुल इस्लाम खान के एक ट्वीट को कुछ साम्प्रदायिक तत्वों द्वारा उनके संदर्भ में विकृत, भड़काऊ सामग्री के रूप में दर्शाया गया। इसके बाद मीडिया और सामाजिक माईका हैंडलर्स के एक वर्ग द्वारा उसके खिलाफ एक शातिर अभियान चलाया गया। अब यह बताया गया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने डॉ खान को देशद्रोह (सेक्शन 124 ए) और सांप्रदायिक विभाजन (सेक्शन 153 ए) के तहत डॉ. खान पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। डा. खान पर लगाया गया केस भाजपा सरकार के संरक्षण में देश में चल रहे व्यक्तिगत लक्ष्य और चरित्र हत्या के बहुत निम्न स्तर का संकेत है। डॉ. जफरुल इस्लाम खान, एक विशेष व्यक्तित्व के धनी हैं, और मानव अधिकारों और अल्पसंख्यक अधिकारों के एक मजबूत समर्थक हैं तथा दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में एक अनुकरणीय काम कर रहे हैं। आयोग द्वारा प्राप्त कई शिकायतों के कारण दिल्ली पुलिस को जवाबदेह बनाया गया था।
इस कारण से शासन और पुलिस में सांप्रदायिक विभाजनकारी तत्वों ने उन्हें सत्ता के दुरुपयोग के लिए खतरा समझा और इसलिए उनके खिलाफ अभियान चलाया। हिंदुत्व वादी तत्त्वों द्वारा इस घटना को दुर्भावनापूर्ण अभियान के रूप में प्रचारित किया और एक वैधानिक अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख के खिलाफ केंद्र शासन की मिलीभगत से डा. खान के खिलाफ केस दर्ज कराया। केन्द्र शासन और दिल्ली पुलिस के कदाचार ने पहले ही विदेशों में भारत की छवि खराब कर रखी है।
पाॅपुलर फ्रंट आफ इंडिया ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के इस खौफनाक अभियान को रोकने और डॉ खान के खिलाफ आधारहीन आपराधिक आरोपों को वापस लेने का आह्वान किया है। पाॅपुलर फ्रंट आफ इंडिया के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम ने डॉ. खान के साथ एकजुटता व्यक्त की और सभी कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से उनका समर्थन सुनिश्चित किरने का फैसला लिया है।
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