मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने नागरिकता बिल का लोकसभा में जमकर विरोध जताया है।
असदउद्दीन ओवैसी नागरिकता विधेयक बिलको ‘संविधान के खिलाफ’ बताते हुए कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि भारत इस्राइल नहीं है जहां धर्म के आधार पर नागरिकता दी जाए।
My intervention in Parliament opposing the #CitizenshipAmendmentBill. Citizenship or asylum solely based on religion is a dangerous proposition, and against the democratic values of India. pic.twitter.com/eXgD001TBX
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) January 8, 2019
माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि यह विधेयक समस्या का समाधान नहीं है, इससे नई समस्या पैदा होगी। असम में आज वही स्थिति देखने को मिल रही है। उन्होंने विधेयक पर विरोध जताते हुए कहा कि धर्म और भाषा के आधार पर नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए।
सलीम ने आरोप लगाया कि ऐसा करके ‘कानून नहीं बनाया जा रहा, बल्कि 2019 के चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र लिखा जा रहा है।’ एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि यह विधेयक वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि यह संविधान और असम समझौते के खिलाफ है।
वहीं कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इसमें कई कमियां हैं। इसे विचार के लिए सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक मामला है और इस पर और पड़ताल की जरूरत है। यह असम समझौते की भावना के अनुरूप नहीं है।
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