तीन तलाक:राज्यसभा मे पास न होने पर,फिर से अध्यादेश लायेगी मोदी सरकार,प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

admin

admin

11 January 2019 (Publish: 09:50 AM IST)

मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार लगातार ध्यान दे रही है पहली बार इन्होंने पेश किया था इस बिल का लोकसभा और राज्यसभा दोनों में लोगों ने विरोध किया था लेकिन लोकसभा में बहुमत होने की कारण पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में अटक गया था राज्यसभा में मोदी सरकार के अपने ही घटक दल इनका साथ नहीं दिए थे और कांग्रेस ने खुलकर विरोध किया था क्योंकि इस दिल में बहुत त्रुटि था इसे क्राइम के दायरे में रखा गया था

तीन तलाक बिल पर आम सहमति नहीं बन पाने के बाद मोदी सरकार ने एकबार फिर से इससे जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि तीन तलाक को अपराध करार दिए वाले अध्यादेश की मियाद 22 जनवरी को खत्म हो रही थी। संसद के शीतकालीन सत्र में तीन तलाक से जुड़े बिल को बिल को पास कराने की कोशिश की गई थी। लेकिन राज्यसभा में विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया था। विपक्ष का तर्क था कि सरकार ने जल्दबाजी में इसे पेश किया था, इस पर सभी दलों की आम सहमति नहीं बन पाई थी।

जानकारी के मुताबिक अब इस बिल को केंद्र सरकार बजट सत्र में सदन में पेश करेगी। पहला अध्यादेश पिछले साल सितंबर में जारी किया गया था। पहले अध्यादेश को कानून का रूप प्रदान करने के लिए एक विधेयक राज्यसभा में लंबित है जहां विपक्ष इसे पारित किए जाने का विरोध कर रहा है। इस अध्यादेश के मुताबिक तीन तलाक में एफआईआर तभी होगी, जब पीड़ित पत्नी या उनका खून का कोई रिश्तेदार मामला दर्ज कराएगा। तत्काल तीन तलाक गैर जमानती अपराध रहेगा लेकिन मैजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल सकेगी। अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने के बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है।

गौरतलब है कि एक अध्यादेश की समयावधि छह महीने की होती है, लेकिन कोई सत्र शुरू होने पर इसे विधेयक के तौर पर संसद से 42 दिन (छह सप्ताह) के भीतर पारित कराना होता है, वरना यह अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाता है। अगर विधेयक संसद में पारित नहीं हो पाता है, तो सरकार अध्यादेश फिर से ला सकती है।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times
Scroll to Top