नई दिल्ली, झारखंड के दुमका से मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है, जहां चोरी के शक में भीड़ ने सुरेश यादव को पेड़ से बांधकर कर बेरहमी से पीटा। उसकी इतनी बेरहमी से पीटा की मौके पर मौत हो गई।
यह घटना तालझारी थाना क्षेत्र के कपरजोरा गांव की है। मृतक व्यक्ति की पहचान सरैयाहाट के अमघट्टा निवासी सुरेश यादव के रूप में की गई है। ग्रामीणों के अनुसार दुमका के कपरजोरा निवासी मटरू महतो के घर में बिरजू यादव चोरी करने की नियत से घुसा था, घर में किसी के घुसने की आहट सुनकर मटरू महतो और उनकी पत्नी पुरर्नी देवी ने शोर मचा दिया. शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण जमा हो गए और सुरेश यादव को पकड़ लिया। चोरी के आरोप में आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरेश को एक पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
मॉब लिंचिंग में मारे गए सुरेश यादव) के परिजन को जैसे ही घटना की सूचना मिली वह तालझारी थाना पहुंच गए। परिजनों ने पूछा कि आखिर शव को बिना जानकारी दिए दुमका क्यों भेजा गया ? मृतक बिरजू यादव के पिता ने कहा कि उनका बेटा कोई चोर नहीं है, दरअसल यह एक सुनियोजित साजिश है।
उनके बेटे के मोबाइल पर कॉल आया था। कॉल आने के बाद वह घर से निकला था, बाद में हमें जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने मेरे बेटे के साथ मारपीट कर दी है, पर हमें सुरेश के मौत होने की बात नहीं बताई गई।
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस मृतक यादव के मोबाइल की सीडीआर निकाल कर अंतिम बार उसे फोन कर बुलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने के साथ-साथ पूरे घटना की जांच कर रही है। हालांकि मॉब लिंचिंग में हत्या के मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जरमुंडी डीएसपी शिवेंद्र कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति की चोरी के आरोप में ग्रामीणों द्वारा पीट-पीटकर हत्या की जानकारी मिली है , शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया , वहीं इस मामले में अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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