मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि गुजरात दंगा मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई की जाएगी। शीर्ष अदालत 4 हफ्ते बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। इस केस में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी थी। इसके खिलाफ जाकिया जाफरी ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी जाकिया की याचिका
जाकिया जाफरी गुजरात के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं। अहसान जाफरी की 2002 मेंे हुए गुजरात दंगोें के दौरान हत्या कर दी गई थी।
जाकिया ने एसआईटी द्वारा मोदी को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। हालांकि, अक्टूबर 2017 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
जाकिया की तरफ से पेश वकील ने चार हफ्तों तक सुनवाई टाले जाने की अपील की थी। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस अजय रस्तोगी ने कहा कि आप हमसे 4 हफ्ते मांग रहे हैं और हम आपको यह वक्त देते हैं। इस मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
गुलबर्ग सोसाइटी में हुए दंगों में मारे गए थे 59 लोग
27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती ट्रेन के कोच में आग लगा दी गई थी। इसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़के दंगों में करीब 1000 लोगों की जान चली गई थी। गोधराकांड के अगले दिन 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में दंगाइयों ने कांग्रेस सांसद जाफरी समेत 69 लोगों की हत्या कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी ने गुलबर्ग सोसायटी केस की दोबारा जांच की थी। एसआइटी ने इस मामले में 66 लोगों को गिरफ्तार किया था। जकिया का आरोप है कि दंगा भड़कने के दौरान उनके पति वरिष्ठ नेताओं और पुलिस अफसरों को फोन करते रहे, लेकिन गुलबर्ग साेसायटी तक मदद नहीं पहुंची। जांच के बाद एसआईटी ने 8 फरवरी 2012 को क्लोजर रिपोर्ट दायर की। इसमें मोदी और अन्य अफसरों को क्लीन चिट दी गई।
2002 में गोधरा कांड के बाद गुलबर्ग सोसाइटी में 59 लोग दंगों में मारे गए थे।
2002 में गोधरा कांड के बाद गुलबर्ग सोसाइटी में 59 लोग दंगों में मारे गए थे।
सुप्रीम कोर्ट से जाकिया जाफरी के वकील ने वक्त मांगा था
जाकिया जाफरी ने एसआईटी द्वारा मोदी को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ अपील की थी
जाकिया के पति अहसान जाफरी की 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी(इनपुट भास्कर)
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times