नई दिल्ली : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर बिलकिस बानो के लिए इंसाफ की अवाज उठाई है।
उन्होंने मोदी सरकार पर बरसते हुए कहा और सवाल क्या कि क्या बिलकिस आपकी बेटी नहीं थी?। ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे पर भी सवाल खड़े किए है। एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “बीजेपी सरकार ऐसे कुत्तों को छोड़ देती है जो ख़वातीन का बलात्कार करते हैं। कहां गई BJP की इंसानियत? कहां गया पीएम मोदी का ‘बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ’ के नारे ?”
ओवैसी ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने गर्भवती बिलकिस बानो और उसकी मां एवं अन्य महिलाओं से बलात्कार करने के दोषी लोगों को छोड़कर पीएम मोदी के झूठे नारों को साबित किया है।
बता दें कि 2002 के बिलकीस बानो मामले में पिछले महीने गुजरात सरकार ने बलात्कार और हत्या के लिए दोषी करार दिये गए 11 व्यक्तियों की सजा माफ कर दी थी।
सजा माफी नीति के तहत गुजरात सरकार द्वारा 11 दोषियों की रिहाई की अनुमति दिये जाने के बाद वे 15 अगस्त को गोधरा उप कारागार से बाहर आ गए। इन दोषियों ने जेल में 15 साल से अधिक गुजारा। सवाल उठता है क्या ऐसे लोगों को छोड़ने से देश में शांति का माहौल रहेगा।
.@BJP4India सरकार ऐसे कुत्तों को छोड़ देती है जो ख़वातीन का बलात्कार करते हैं। कहां गई BJP की इंसानियत? कहां गया प्रधानमंत्री @narendramodi का 'बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ' के नारे ? #BilkisBanohttps://t.co/ICNKS8UYMP
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 11, 2022
मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने 21 जनवरी 2008 को इन 11 लोगों को बलात्कार और बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। उनकी दोषसिद्धि को बंबई उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था।
बिलकिस बानो के साथ जब सामूहिक बलात्कार किया गया था, उस वक्त वह 21 साल की थी और उसे पांच महीने का गर्भ था। मारे गये लोगों में उनकी तीन साल की बेटी भी शामिल थी।
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