नई दिल्ली, देश के मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 11 अगस्त को समाप्त हो रहा है। ऐसे में हर किसी की नजर राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी टिक गई है।
दरअसल, राष्ट्रपति पद का चुनाव 18 जुलाई को होगा और 21 जुलाई को नतीजे आएंगे। चूंकि भाजपा और विपक्ष पहले ही राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का एलान कर चुके हैं, इसलिए अब उपराष्ट्रपति पद के लिए चेहरों की खोज तेज हो गई।
भारत के अगले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष के उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने महिला आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाया है। जबकि विपक्ष ने साझा प्रत्याशी के तौर पर यशवंत सिन्हा को नामित किया है। दोनों प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल कर चुके हैं और अब अपने लिए समर्थन जुटाने में लगे हैं।
वहीं अगले उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव छह अगस्त को कराया जाएगा और मतों की गिनती उसी दिन होगी। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को यह घोषणा की। यह चुनाव देश के 16वें उप राष्ट्रपति का चुनाव होगा।
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भाग लेते हैं। इस चुनाव में मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं। राज्यसभा का बतौर सभापति की भूमिका में राष्ट्रपति सदन का संचालन करता है। उप राष्ट्रपति एक ऐसा पद है जिसकी जिम्मेदारी बहुस्तरीय है। देश के राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उप राष्ट्रपति ही राष्ट्रपति की जिम्मेदारियों को संभालता है। राज्यसभा का बतौर सभापति उप राष्ट्रपति पूरे पांच साल उच्च सदन का संचालन करता है।
मौजूदा समय में लोकसभा में एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है औऱ राज्यसभा में अकेले बीजेपी के सदस्यों की संख्या 95 के करीब है।
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