मिल्लत टाइम्स,मोतिहारी। इल्म से इंसान की पहचान बनती है, अगर किसी मज़हब को बर्बाद करना हो तो उसे तालीम से दूर कर दिया जाए, या फिर उसके तालीम के जरिये को खत्म कर दिया जाए, अपनी माली हालत को इल्म से ही बेहतर बनाया जा सकता है। ये बातें ढाका अर्श एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक इंजीनियर फ़िरोज़ अहमद ने अर्श कोचिंग सेंटर के 12वीं के स्टूडेंट्स के फेयरवेल प्रोग्रम के दौरान कही, उन्होंने कहा कि आज हम इसी लिए हर चीज़ में पीछे हैं की हम तालीम के महत्व को नही जान सके हैं, बल्कि हम तालीम अहमियत से कोषों दूर होते चले जा रहे हैं। अर्श कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर सरफराज अहमद ने कहा कि इल्म की वजह से इंसान बहुत सी बुराइयों से महफूज़ रहता है। दुनियावी तालीम के साथ-साथ दीनी तालीम भी जरूरी है, और इल्म ऐसी बेशकीमती चीज है, जिससे इंसान के अक्लो शऊर किरदार मज़बूत होता है। उन्होंने कहा कि समाज की बुराइयों और फसाद पर इल्म के जरिए ही रोक-टोक लगाई जा सकती है।
अर्श कोचिंग सेंटर के इंग्लिश के टीचर वाज़िद खान ने कहा कि इंसान को चाहिए कि वो हर लैंग्वेज को जाने, क्योंकि लैंग्वेज की अपनी अहमियत होती है।
इंसान हर कुछ करता है लेकिन जब वो नई जगह जाता है और वहां की भाषा से परिचित नहीं होता तो उसे बहुत सी कठनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रोग्राम को संबोधित करने वालों में गाइड टू गुड के डायरेक्टर सगीर आलम, नूर आलम खान, मास्टर जमील अख्तर आदि थे, तो वही प्रोग्रम में शिरकत करने वालों में कराटे के कोच जिया उल्लाह शेख, शमीम उर्फ छोटे, अब्दुल कादिर, ढाका फैन क्लब के बानी अब्दु रहमान, जितेंद्र झा, भोला, मोहम्मद मोदस्सिर आदि मौजूद थे।
साथ ही इस दौरान साइंस में टॉप करने वाले 10 छात्र छात्राओं को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया, जिनमें अफ़नाज़ बेगम, सोहराब आलम, मोहम्मद राशिद, शकीना रानी, गुड़िया कुमारी, कासिफ महमूद, शीबा शहज़ादी, फलक कुमारी, मोहम्मद कैफ, वासिफ रज़ा खान के नाम शामली हैं।
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