देश में सी ए ए, एन पी आर और एन आर सी के खिलाफ महिलाओं की उठती आवाज़ के स्वर आज अररिया में भी सुनाई दिए। आज अररिया महिला नागरिक मंच द्वारा यतीम खाना से ए डी बी चौक होते हुए टाउन हॉल तक एक शांति मार्च निकाली गई जिसके बाद टाउन हाल पर बड़ी सभा आयोजित की गई। लवली नवाब ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी सरकार में इतनी हिम्मत नहीं है कि हमारी गंगा – जमुनी तहजीब को मिटा सके और धर्म के नाम पर हमें बांट सके। एन पी आर, एन आर सी, सी ए ए विरोधी संघर्ष मोर्चा की समन्वयक कामायनी स्वामी ने विवेकानंद जयंती पर सभा को याद दिलाया कि विवेकानंद का भारत जहां किसी भी देश के सताए और पीड़ित लोग आ कर शरण ले सकते थे, सी ए ए उस भारत पर वार करता है। फातिमा परवीन ने कहा कि अगर ये कानून वापस नहीं लिया गया तो हर एक गली मोहल्लों में हज़ारों शाहीन बाघ उठ खड़े होंगे। तस्नीम कौसर ने भी अररिया की महिलाओं के जज्बे को सलाम कर आंदोलन में महिलाओं की अहम भूमिका को दोहराया। नौजवान नौशीन परवीन ने बोला कि जितनी लाठी – गोली चले अब, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं है। रमिका रागिब ने शायरी पेश करते हुए कहा कि शिव की गंगा भी पानी है, आबे ज़मज़म भी पानी है, अब पानी का मज़हब क्या होगा?! धर्म के नाम पर जनता को बांटने वाली भारत सरकार को आज इस मंच से पुरजोर चानौती मिली है कि गांधी – बिस्मिल – भगत सिंह का भारत ज़िंदा है और उसे हम किसी कीमत पर नहीं खोएंगे। जे जे एस एस की यूथ टीम – कल्याणी, तन्मय, डोली, कृष्चम, मीरा, और अन्य साथियों ने गीत गा कर सभा की आवाज़ बुलंद करी कि हम गीतों से, नारों से अपनी आवाज़ उठाएंगे और चाहे जो हो हम आगे बढ़ते जाएंगे। आज की सभा को एन पी आर, एन आर सी, सी ए ए विरोधी संघर्ष मोर्चा और हम हैं भारत के कोऑर्डिनेटर ज़ाहिद अनवर भी सभा में मौजूद थे। उन्होनें बताया कि दोनों संगठनों का समर्थन इस रेली को दिया गया है!
जाहिद अनवर
कन्वेनर- “हम है भारत”
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