मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी बरकरार है। इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक संसद में एलान किया है कि शुक्रवार (1 मार्च) को भारतीय पायलट अभिनंदन को छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से लगातार बातचीत की पेशकश की जा रही है लेकिन भारत ने साफ तौर पर कह दिया है कि पहले हमारे पायलट की सकुशल वापसी कराओ। इस बीच पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी, मनकोट, खारी करमारा और देगवार में सीजफायर का फिर उल्लंघन किया है। पाकिस्तान सुबह 6 बजे से इन इलाकों में रह रहकर मोर्टार दाग रहा है और फायरिंग कर रहा है। भारतीय जवान पाकिस्तान की इस फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। दोपहर तीन बजे से फायरिंग फिर शुरू हो गई है।
अमेरिका ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर भारतीय हमले का खुलेआम समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर पाकिस्तान से आतंकी ठिकानों के खिलाफ सार्थक कार्रवाई करने को कहा था। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देश पहले ही भारत के कदम का समर्थन कर चुके हैं। दूसरी तरफ, जम्मू में सीमा से लगते इलाकों के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। खासकर पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं, समझौता एक्सप्रेस 28 फरवरी को भी नहीं चलेगी। पाकिस्तान ने भारत के साथ मौजूदा तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।
पुलवामा हमले को रचने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठन पर शिकंजा कसने की तैयारी हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यी यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की सैंक्शंस कमिटी को प्रस्ताव दिया है आतंकवादी संगठन पर शिकंजा कसा जाए। उसके इंटरनैशनल यात्रा पर बैन लगाई जाए और उसकी संपत्तियां भी फ्रीज कर दी जाएं। तीनों देशों ने इस संगठन को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भी दिया है। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के एक अधिकारी ने कहा, “अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और उसने दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है।(इनपुट जनसत्ता)