दारुल उलूम देवबंद ने कहा:तलाक बिल शरीयत में हस्तक्षेप और संविधान के खिलाफ है

मिल्लत टाइम्स,देवबंद: हिंदुस्तान में सभी धर्म को अपने धर्म का पालन करने की संविधान आजादी देता है और तलाक तथा निकाह धर्म का मामला है इसमें किसी भी सरकार कि हस्तक्षेप हमें कबूल नहीं है और सरकार का यह कदम संविधान के खिलाफ है

दारुल उलूम देवबंद ने तलाक बिल को शरीयत में हस्तक्षेप और संविधान के खिलाफ बताया है क्षेत्रीय पत्रकार से बात करते हुए दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने केंद्र सरकार के जरिए तलाक से संबंधित पास किया गया बिल पर अफसोस का इजहार किया और इस बिल को धर्म में हस्तक्षेप करने का मामला बताया और इसकी निंदा की

मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि हिंदुस्तान की संविधान हमें धर्म की आजादी देता है और तलाक धार्मिक मामला है इसमें किसी भी सरकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे हम सरकार के इस फैसले को हिंदुस्तानी की संविधान के खिलाफ मानते हैं

वजह रह के गत दिन 27 दिसंबर को दूसरी बार बिल में संशोधन कर फिर से लोकसभा में पास किया गया बिल के समर्थन में 245 वोट पड़े थे कांग्रेस समेत अन्य पार्टियां ने संसद से वाकआउट किया था और भाजपा के भी सभी सदस्य ने भाग नहीं लिया था

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is a young journalist & editor at Millat Times''Journalism is a mission & passion.Amazed to see how Journalism can empower,change & serve humanity