मंदिर के सामने से निकलने पर 9 लोगों ने 15 साल की दलित लड़की को बेरहमी से पीटा

नई दिल्ली, मध्य प्रदेश के खंडवा से एक दलित बच्ची की पीटाई का मामला सामने आया है। जहां 9 लोगों ने मिलकर उसे लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। उसे इतना मारा की उसकी पसली में गंभीर चोट आई है।

लड़की का कासूर बस इतना था कि वह जन्माष्टमी की रात गांव के भीलट बाबा मंदिर के पास मटकी फोड़ कार्यक्रम देखने के लिए निकली। उस दौरान वह उच्च जाति के मंदिर के पास से गुजर गई इस बात पर प्रियंका कटारे की 9 लोगों ने मिलकर बेरहमी से पीटाई कर दी। घटना 19 अगस्त की रात की है।

पुलिस ने 9 आरोपियों पर केस दर्ज किया है। इनमें 6 महिलाएं हैं। सभी आरोपियों को थाने से जमानत मिल चुकी है। इस मामले में पीड़िता लड़की का कहना है कि मंदिर के पास उमा माली, संतोष माली, गणेश माली, कमल माली, सुनीता माली, अनिता माली, क्षमा माली और राधु माली महिलाएं मटकी फोड़ कार्यक्रम में थी, मैं वहां से अपने घर की तरफ जा रही थी।

शारदा, क्षमा और राधु बोलीं- ये नीच जाति की मंदिर के सामने हमारे कार्यक्रम में कैसे आ गई। तब मैंने शारदा से कहा- तुम मुझसे भेदभाव कर रही हो। इसी बात को लेकर कमला और गणेश ने मुझे जाति सूचक गालियां दीं। दोनों ने मुझे डंडे से मारा। इससे दाहिने तरफ की पसली में चोट लगी है।

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक पीड़िता का कहना है कि, शारदा बाई, अनिता बाई और क्षमा बाई ने लात-घूसों से मारा। वहां पर जितने भी लोग मौजूद थे, सभी ने मारपीट की। मेरे रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर बड़ी बहन, मां और रिश्तेदार आ गए। मुझे भीड़ से बचाकर ले गए।

आरोपियों ने कहा कि दोबारा कार्यक्रम में आना मत, नहीं तो जान से मार देंगे। पीड़िता की इंदौर निवासी बड़ी बहन ने बताया, शुरू में हम लोग इसलिए खामोश रहे, ताकि विवाद आगे न बढ़ जाए। लेकिन आरोपी पक्ष ने समझौते का दबाव बनाकर जान से मारने की धमकी दी। दूसरी तरफ, मारपीट में आई चोटों के कारण बहन दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। सवाल यह उठता है एक 15 साल की बच्ची के साथ जाति के नाम मारपीट करना कहा कि इंसानियत है।

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